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गाजियाबाद : तलवार बांटने वाला रिहा, समर्थक चिल्लाए-शेर आया…शेर:20Km का जुलूस

हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उनके बेटे हर्ष चौधरी को तलवार बांटने से जुड़े केस में जेल से रिहा कर दिया गया। सैकड़ों समर्थक डासना जेल के बाहर इकट्‌ठा हुए। उसके बाद पिंकी चौधरी ने अपने कार्यालय तक जुलूस निकाला। चलती कारों की खिड़की से लड़के लटके दिखे। करीब 20 Km लंबा जुलूस निकाला गया। फिर वो कारों के काफिले को दिखाते हैं। जिस कार में वो जा रहे हैं, उसकी खिड़की पर एक लड़का बाहर निकला दिखता है, जो वीडियो बना रहा था। इस काफिले में स्कॉर्पियो, थार, फॉरच्यूनर जैसी गाड़ियां दिखती हैं। करीब 5-6 गाड़ियां दिखती हैं। इनकी खिड़कियों पर भी लड़के बैठे दिखते हैं।

काफिले में शामिल समर्थक कहते हैं- देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया। सड़क पर हूटर बजाती हुई कारों से समर्थक नारेबाजी करते रहते हैं। काफिला शालीमार गार्डन स्थित हिंदू रक्षा दल के कार्यालय पहुंचा। वहां पिंकी चौधरी ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। गाजियाबाद को 29 सितंबर को 21 सेकेंड का एक वीडियो सामने आया। गाजियाबाद का शालीमार गार्डन एरिया। इसमें दिख रहे लोगों के हाथ में तलवारें और फरसे थे। भारत माता की जय का नारा लगाते हुए सभी एक घर के सामने रुकते हैं। घर से बाहर निकले शख्स को तलवार थमाते हैं और कहते हैं, ‘ये अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए, अगर बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा होती है, तो विधर्मियों से अपनी सुरक्षा के लिए।’ शख्स तलवार लेता है, माथे से लगाता है। सभी नारा लगाते हैं- जय श्री राम।

तलवार बांटने वाले हिंदू रक्षा दल के सदस्य थे। 6 जनवरी को पुलिस ने इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी को बेटे के साथ अरेस्ट कर लिया। 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए थे।

इनके अलावा एक कहानी उन लोगों की भी है, जिन्होंने तलवारें ले लीं थी। ये लोग भी हिरासत में हैं। इनमें एक सोसाइटी के गार्ड थे। उनकी पत्नी बताती हैं कि पति सो रहे थे। संगठन वाले आए, हाथ में तलवार दे दी। पुलिस उन्हें भी पकड़कर ले गई थी।

गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एरिया में ज्यादातर लोग को हिंदू रक्षा दल ने तलवारें बांटी थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया था। पुलिस ने जिन 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से दो परिवारों से हमने बात की थी। हालांकि वे अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते थे, इसलिए सभी के नाम बदले गए हैं।

अरेस्ट लोगों में एक शख्स सोसाइटी में गार्ड थे। उनकी पत्नी भावना कहती हैं, ‘ मेरे पति किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं। वे तो घर में सो रहे थे। संगठन के लोग आए और आवाज लगाई। पति गेट पर चले गए, उन लोगों ने अचानक हाथ में तलवार थमा दी और कहा कि ऐसा बोलो। मेरे पति ने बोल दिया। हमारा उनसे कोई नाता नहीं है। उसी दिन शाम को पुलिस आई और पति को ले गई। पुलिसवालों ने मुझसे कहा कि कोर्ट में जाकर बात करना।’

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