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भगवान सच्चे प्रेम और भाव के भूखे होते हैं : आचार्य नवल किशोर महाराज

खुर्जा : 39 वें वार्षिक उत्सव के उपलक्ष में चल रही दिव्य मानस कथा के चौथे दिन कथा प्रवर आचार्य नवल किशोर जी महाराज ने भगवान के प्रति प्रेम भाव की चर्चा करते हुए संत नामदेव की भगवान के प्रति प्रेम अनन्य भक्ति भाव की कथा श्रवण करते हुए कहा भगवान को सच्चे प्रेम और भाव के भूखे होते हैं जो भी सच्चे मन से भगवान की भक्ति करता है वे अवश्य उसका कल्याण करते हैं संतो के दर्शन सेवा और सत्संग मनुष्य के करोड़ो जन्मों के फल का प्रताप होता है ,मनुष्य सत्संग और सेवा से ईश्वर का साक्षात्कार प्राप्त करता है और अंत में मोक्ष गति को प्राप्त करता है। क्योंकि जीवन में संतों का दर्शन और सत्संग बहुत ही दुर्लभ होता है। महाराज श्री ने कहा की क्षण भर का सत्संग भी हमारे जीवन की अनेक बधाओं को दूर कर देता है । आज मंडल की विज्ञापन रहित स्मरक्का का विमोचन कथा प्रवर आचार्य नवल किशोर जी महाराज के कार्यक्रमों के द्वारा किया गया उनके साथ इस्मार्ट का के संपादक मंडल के अध्यक्ष दिनेश प्रदीप जी जय भगवान अग्रवाल सचिन रमेश कुमार बंसल संरक्षक ठाकुर दुष्यंत सिंह जी उपस्थित रहे महाराज श्री ने मंडल की इस्मार्ट का विमोचन करते हुए कहा कि यह मंडल की दिव्य स्मारिका लोगों के जीवन में एक अनूठा रस प्रदान कर कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी।
मंडल की कथा व्यवस्था में मंडल के अरुण बंसल अवनीश बंसल या भगवान अग्रवाल मोहित मित्तल राजेश पचौरी नागेश कुमार जगदीश चंद्र डॉक्टर आरसी वर्मा दक्ष शर्मा कौशल शर्मा वासु सौरभ बंसल रजत अग्रवाल हरिंदर शर्मा कार्यक्रम के संयोजक संजीव अग्रवाल आदि का विशेष सहयोग रहा

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