यूपी बोर्ड वालों के लिए Good News, अब हर स्टेप पर मिलेंगे नंबर
नई दिल्ली (UP Board Exam 2026). यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में शामिल हो रहे स्टूडेंट्स के लिए गुड न्यूज है. बच्चों को फेल होने से बचाने के लिए यूपी बोर्ड सीबीएसई की तरह स्टेप मार्किंग की शुरुआत कर रहा है. अगर आपको भी मैथ के लंबे-चौड़े सवालों या साइंस के पेचीदा फॉर्मूलों से डर लगता है तो अब चैन की सांस लीजिए. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कॉपी चेक करने का ऐसा तरीका निकाला है कि अब आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी.
यूपी बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर स्टूडेंट ने पूरा सवाल सही नहीं किया लेकिन शुरुआत सही की है तो उसे उसके हिस्से के नंबर जरूर मिलेंगे. इसे स्टेप मार्किंग कहते हैं- यानी जितना काम, उतने नंबर. यही नहीं, कॉपियां चेक करने में पुराने जमाने वाले तरीके को भी बाय-बाय कह दिया गया है. यूपी बोर्ड अब हाई-टेक हो गया है. मास्टर जी लाल पेन लेकर पन्ने नहीं पलटेंगे, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर कॉपी ऑनलाइन चेक करेंगे. इससे न तो नंबर जोड़ने में गलती होगी और न ही रिजल्ट के लिए महीनों इंतजार करना पड़ेगा.
यूपी बोर्ड परीक्षा में स्टेप मार्किंग: अब नहीं डूबेगी आपकी नैया!
कई बार स्टूडेंट्स गणित का पूरा सवाल सही करने के बाद आखिरी लाइन में जोड़-घटाव में गलती कर देते हैं. इस चक्कर में मास्टर जी पूरे नंबर काट देते हैं. लेकिन अब यूपी बोर्ड में ऐसा अन्याय नहीं होगा. नए नियम के मुताबिक, अगर 5 नंबर का सवाल है और आपने उसे 3 स्टेप्स तक सही किया है तो आपको 3 नंबर जरूर मिलेंगे. परीक्षकों को छात्रों के प्रति उदार रहने और उनके लिखे गए हर सही स्टेप की कद्र करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. इससे उनका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और वे गलती के डर से सवाल छोड़कर नहीं आएंगे.
यूपी बोर्ड अब कॉपियों का मूल्यांकन ‘डिजिटल’ करने जा रहा है. कॉपियों को स्कैन करके सर्वर पर डाल दिया जाएगा, जहां टीचर लॉग-इन करके उन्हें चेक करेंगे. इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रिजल्ट में होने वाली गड़बड़ियां जैसे- अंकों का न जुड़ना या किसी सवाल का बिना जांचे रह जाना, पूरी तरह खत्म हो जाएगा. जैसे ही टीचर नंबर देगा, वो सीधे बोर्ड के डेटाबेस में सेव हो जाएंगे. इससे यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 घोषित करने में लगने वाला समय आधा रह जाएगा.
यूपी बोर्ड का नया सिस्टम लागू करने के लिए प्रदेश के कई जिलों में मूल्यांकन केंद्रों को अपग्रेड किया जा रहा है. हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर लैब्स तैयार की जा रही हैं. परीक्षकों को बाकायदा ट्रेनिंग दी जा रही है कि उन्हें स्क्रीन पर कॉपियां कैसे जांचनी हैं और स्टेप मार्किंग के नंबर कैसे फीड करने हैं. बोर्ड की कोशिश है कि इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप (Human Error) को कम से कम किया जाए, जिससे रिजल्ट में कोई गड़बड़ी न हो.
पारदर्शिता का नया दौर
यूपी बोर्ड के इस ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम से धांधली की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी. बोर्ड के अधिकारी कभी भी किसी भी कॉपी को चेक कर सकते हैं कि टीचर ने सही नंबर दिए हैं या नहीं. इससे उन मेधावी छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो अक्सर री-चेकिंग के चक्कर काटते थे. अब कॉपियों की चेकिंग में फेवरिटिज्म की कोई जगह नहीं बचेगी. यूपी बोर्ड के इन दो बड़े बदलावों ने साफ कर दिया है कि बोर्ड अब छात्रों के भविष्य को लेकर काफी सजग है. स्टेप मार्किंग से एवरेज छात्रों को पास होने में मदद मिलेगी और ऑनलाइन चेकिंग से टॉपर्स को उनकी मेहनत का पूरा हक मिलेगा.

