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जीएसटी टीम का बुलंदशहर, नोएडा, मेरठ और मथुरा में एक साथ मारा छापा

राज्य कर विभाग की टीमों ने 20 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के चार जनपदों – बुलंदशहर, नोएडा, मेरठ और मथुरा में एक साथ छापा मारा। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लेन-देन के खुलासे के बाद की गई है।

जांच की शुरुआत राज्य कर विभाग, बुलंदशहर के संयुक्त आयुक्त (एसआईबी) शिव आसरे सिंह को मिली एक गोपनीय सूचना से हुई थी। सूचना के अनुसार, सिकंदराबाद, बुलंदशहर स्थित दो फर्मों की खरीद-बिक्री संदिग्ध पाई गई थी। इसके बाद, संयुक्त आयुक्त ने फर्मों की रेकी कराई और एआई टूल्स का उपयोग करके यह पता चला कि ये फर्म ऐसी वस्तुओं का व्यापार करती हैं जिन पर टर्नओवर बढ़ने पर सरकार सब्सिडी देती है।

जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध फर्मों से संबंधित तथ्यों का गहन डेटा विश्लेषण कराया गया, जिससे सूचना की पुष्टि हुई। संयुक्त आयुक्त ने नोएडा और गाजियाबाद के अपर आयुक्त संदीप भागिया (आईएएस) और अपर आयुक्त ग्रेड-2 (एसआईबी) गाजियाबाद मोनू त्रिपाठी को इन तथ्यों से अवगत कराया। अपर आयुक्त ने शासन और कमिश्नर, राज्य कर के निर्देशों के अनुरूप इस जांच का जिम्मा संयुक्त आयुक्त (एसआईबी) बुलंदशहर को सौंपा।

जांच में यह सामने आया कि बुलंदशहर की जिन फर्मों से अन्य जनपदों की फर्मों द्वारा खरीद-बिक्री की गई थी, उनमें से कुछ संदिग्ध थीं। इसके बाद, मेरठ, नोएडा और मथुरा स्थित संबंधित जनपदों/क्षेत्रों के संयुक्त आयुक्तों को भी सूचना दी गई। परिणामस्वरूप, 20 जनवरी 2026 को इन चारों जनपदों में व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर जीएसटी टीमों ने एक साथ छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान, जांच एजेंसियों को स्टॉक में भारी मात्रा में अंतर मिला और व्यापार स्थलों से संदिग्ध प्रपत्र/कागजात जब्त किए गए। देर रात तक इन दस्तावेजों की जांच जारी रही।

सूत्रों के अनुसार, करोड़ों रुपये के आईटीसी लेनदेन के माध्यम से जीएसटी अपवंचन की संभावना है। अब तक, बुलंदशहर टीम द्वारा 1.60 करोड़ रुपये का कर जमा कराया गया है। विस्तृत जांच अभी भी जारी है। सूत्रों का यह भी कहना है कि इस आईटीसी लेनदेन और उसके लाभ पहुंचाने में कई फर्मों की संलिप्तता है। जांच एजेंसियां ऐसी सभी संलिप्त फर्मों की जांच कर रही हैं।

संयुक्त आयुक्त डॉ. शिव आसरे सिंह ने बताया कि कर अपवंचन के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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