मैनपुरी में पति का दावा : रात को सोई पत्नी सुबह तक पत्थर की मूर्ति बन गई..
मैनपुरी : वैसे तो मैनपुरी ऋषि और मुनियों की धरती के नाम से जानी जाती है, क्योंकि मैनपुरी की तपोभूमि पर बड़े-बड़े ऋषियों और मुनियों ने जन्म लेकर लोगों का उद्ध।र किया है. तपस्या में लीन रहकर पत्थर भी हुए हैं. ऐसा ही एक कारनामा जनपद के कुरावली थाना क्षेत्र में देखने को और सुनने को मिला है. इससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. यहां एक पति का दावा है कि उसकी पत्नी 5 साल से लगभग पांच बार मर चुकी है और इस बार तो रात में उसकी गोद में सिर रखकर उसकी पत्नी रो-रोकर बिलखती रही और जब पति की आंख लग गई तो वह अचानक गायब हो गई. दूसरी तरफ देखा तो वह पत्थर में तब्दील हो गई और एक मूर्ति के रूप में दिखी. हालांकि जैसे ही आसपास के इलाके में इसकी खबर लगी तो लोगों का हजूम लग गया. बड़ा हो या बच्चा, हर कोई उस मूर्ति को देखने के लिए दौड़ पड़ा. इसकी जानकारी मीडियाकर्मियों को भी हुई जैसे ही हुई तो उन्होंने वहां जाकर देखा.
मूर्ति को देखने के लिए हमारी टीम उस गांव, उस घर में पहुंची. मौके पर आधी हकीकत और आधा फसाना देखने को मिला. मूर्ति को देखकर पहली नजर में ही पता चला कि जिस मूर्ति को देखने के लिए भीड़ उमड़ी है, वह पत्थर की है और सीमेंटेड मूर्ति बनाकर उसकी रगाई पुताई कर योजना बनाकर मूर्ति को खड़ा कर दिया गया हो. उसे देखकर कतई नहीं लगता कि महिला मूर्ति बनी है.
अगले दिन जब हम और दूसरे मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे तो नजारा कुछ और था. पाया कि एक महिला चारपाई पर लेटी है. जब लोगों से पूछताछ की यह महिला कौन है तो बताया गया कि यह वही महिला है, जिसकी मूर्ति बन गई थी. जब उस महिला मिथिलेश कुमारी यादव से बातचीत करने की कोशिश की गई तो वह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थी और सिर्फ कैमरे में इतना ही रिकॉर्ड हो पाया, जिसमें वह कह रही है कि ‘जिसे आना है वह आए. मैं तो चली.’
मामले की जानकारी मिलते ही मौक़े पर पहुंची पुलिस, नायब तहसीलदार कुरावली ने मामले को अफवाह बताया. देखने वाली बात यह है कि ऐसा करने वाले पति पर क्या पुलिस कोई कानूनी कार्रवाई करेगी. बहरहाल पुलिस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं और अपना पल्ला झाड़ रही है.
हालांकि आस पड़ोस के लोग भी इसे पाखंड बता रहे हैं. यहां पर आने वाली आस्था की भीड़ से आसपास के लोगों का नुकसान हो रहा है, जिसको लेकर लोग विरोध भी कर रहे हैं. बहरहाल कुल मिलाकर आस्था के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है. यह इस केस में साफ देखने को मिला. फैक्ट चैक (Fact Check) कहता है कि यह मामला पूरी तरह से झूठ है.

