भारत-UAE में डील, तिलमिला उठा पाकिस्तान
Why Pakistan Wants Islamic Nato: भारत में मध्य पूर्व के सबसे अमीर देशों में शुमार यूएई के क्राउन प्रिंस दौरा करने आए, तो पाकिस्तान को मानो मिर्ची ही लग गई. महज साढ़े तीन घंटे की यात्रा में भारत-यूएई के रिश्तों ने वो ऊंचाई छुई, जिसके बारे में शहबाज शरीफ ने सोचा भी नहीं होगा. यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा भले ही छोटी थी, लेकिन इसका नतीजा पाकिस्तान की कल्पना से कहीं बड़ा है.
पाकिस्तान 20 अरब डॉलर के सपने देख रहा है, वहीं भारत और यूएई ने 200 अरब डॉलर यानी करीब 16 लाख करोड़ रुपये का टार्गेट बनाकर दुनिया को चौंका दिया है. पीएम आवास तक की यात्रा और महज डेढ़ घंटे की बैठक में जो फैसले लिए गए, वो पाकिस्तान को सदमे में डालने वाले हैं. तभी तो पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार जरा भी इंतजार नहीं कर पाए और सऊदी के विदेश मंत्री को फोन लगाकर तभी बात करने लगे, जब यूएई के क्राउन प्रिंस भारत में थे.
इस्लामिक NATO के लिए छटपटाया पाकिस्तान
UAE-भारत की डील के तुरंत बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान-सऊदी अरब के बीच मौजूदा रणनीतिक रक्षा संबंधों का दायरा बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि मुस्लिम बहुल देश मिलकर एक व्यापक सामूहिक सुरक्षा और रक्षा ढांचा तैयार करें, ताकि उभरते खतरों का मिलकर मुकाबला किया जा सके.
- ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान और सऊदी अरब आपसी सहमति से अपने मौजूदा रक्षा समझौते को विस्तार दे सकते हैं.
- इसके तहत औपचारिक नियम और शर्तें तय की जा सकती हैं, जिनके जरिए तुर्की और अन्य इच्छुक मुस्लिम देशों को भी इस समझौते में शामिल किया जा सके, ताकि यह व्यवस्था एक बहुपक्षीय रक्षा गठबंधन का रूप ले.

