बिजनौर : महिला प्रधान की लाश खिड़की से लटकी मिली
बिजनौर में महिला ग्राम प्रधान की लाश घर की खिड़की से लटकी मिली। उनकी बॉडी घुटने के बल जमीन पर टिकी हुई थी। बेटे ने स्कूल जाते समय मां की लाश लटकती हुई देखी। इसकी जानकारी परिवार वालों को दी। पड़ोसियों के मुताबिक, शव देखकर लग रहा था कि जैसे किसी ने हत्या करने के बाद उसे लटकाया हो।
महिला प्रधान के पिता और चाचा ने पति पर हत्या का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपी पति की प्रधान पत्नी से यह दूसरी शादी थी। घर में पति-पत्नी के अलावा नौकर और चार बच्चे रहते हैं। घटना स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मेवानवादा की है।
स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम मेवानवादा की प्रधान राहिल परवीन (40) का शव बुधवार सुबह करीब 6 बजे फंदे से लटका मिला। राहिल इशरत अली (45) की दूसरी पत्नी थीं। पहली पत्नी की मौत पांचवें बच्चे के जन्म के दौरान हुई थी। पत्नी की मौत के बाद इशरत ने राहिल से 2016 में दूसरी शादी की थी। चारों बच्चे पहली पत्नी से हैं। राहिल की अपनी कोई औलाद नहीं थी।
राहिल इन्हीं बच्चों को अपने बच्चों की तरह प्यार देती थी। बच्चे भी राहिल को अपनी सगी मां की तरह प्यार करते थे। पत्नी के प्रधान बनने से पहले इशरत अली कपड़ों की सिलाई का कारखाना चलाता था। लेकिन प्रधानी में महिला सीट आने के बाद उसने कारखाना बंद कर दिया। पत्नी को चुनाव में उतारने की तैयारी में जुट गया।
वहीं, पत्नी राहिल जैसे ही प्रधान बनी। इसके बाद इशरत ने अपने काम छोड़ दिए। वह राजनीति के कामों में ही व्यस्त रहने लगा। बड़ा बेटा अमान 17 वर्ष का है। उसी ने मां को फांसी के फंदे पर लटका देखा। उससे छोटी बेटी अनम है। उनसे छोटी एक बहन फिर एक और भाई हैं।
सूचना मिलते ही स्योहारा थाना प्रभारी सतेन्द्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि महिला ग्राम प्रधान की मौत की खबर से सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। आगे की कार्रवाई पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।
पड़ोसियों के मुताबिक, इशरत अली का किसी अन्य महिला से भी प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसे लेकर उसका पत्नी राहिल से कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। ऐसे में राहिल को रास्ते से हटाने के लिए इशरत ने उसकी हत्या कर दी। उसके शव को फंदे से लटका दिया, जिससे यह आत्महत्या लगे।
मंगलवार रात इशरत ने घर के सामने वाले मैदान मे वॉलीबाल टूर्नामेंट शुरू करवाया था, जिसमें बड़े-बड़े लाउड स्पीकर लगे थे। रात 2 बजे तक टूर्नामेंट चला, इस दौरान तेज कमेंट्री की आवाज आ रही थी। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसी शोर के चलते राहिल की हत्या करने की चीख-पुकार किसी को सुनाई नहीं दी।
राहिल के चाचा सलाउद्दीन ने कहा- कि मेरी भतीजी पहली बार ग्राम प्रधान बनी थी। वह बहुत ईमानदार प्रधान थी। चार सालों में गांव में अच्छा विकास कराया। मेरी भतीजी की हत्या की गई है। उसका पति इशरत अली और कुछ अन्य लोग ईमानदारी से उसे प्रधानी नहीं करने दे रहे थे। उसे हमेशा परेशान करते थे। इसी वजह से राहिल हमेशा टेंशन में रहती थी।