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मेरठ : अरिहंत प्रकाशन के ठिकानों पर छापा, साकेत में कोठी, प्रेस, दफ्तर पर पहुंची है IT टीम

मेरठ में अरिहंत प्रकाशन की साकेत स्थित कोठी, प्रेस और ऑफिस पर सुबह सुबह टीम पहुंची है। यहां इनकम टैक्स की रेड पड़ी है। अरिहंत प्रकाशन के मालिक योगेश जैन साकेत में कोठी नंबर 147 में रहते हैं। सुबह ही आयकर की टीमें उनके यहां पहुंची है। दस्तावेज खंगाल रही है।

अरिहंत प्रकाशन बड़े प्रकाशकों में गिना जाता है। देशभर में इनकी छापी किताबें, गाइडें और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों की पुस्तकें चलती हैं। वहीं लगातार शहर में उद्यमियों के यहां इनकम टैक्स की रेड से खलबली मची है। अरिहंत प्रकाश की प्रेस टीपी नगर थाना क्षेत्र में बागपत रोड पर है।

सुशांत सिटी में मनोज सिंघल के यहां भी टीम छापा मारने पहुंची है। बताया जा रहा है कि मनोज सिंघल अरिहंत प्रकाशन के लिए जमीनों की खरीद-फरोख्त का काम देखते हैं। इसलिए टीमें वहां भी गई हैं। साथ ही टीम अरिहंत प्रकाशन के टीपी नगर के ऑफिस और दिल्ली मेरठ बाईपास स्थित प्रेस पर भी पहुंची है। सभी जगह टीमों ने एक साथ रेड डाली है। वहीं अरिहंत जैन की कोठियां और ऑफिस बनाने वाले आर्किटेक्ट असित गुप्ता के घर पर भी आयकर की टीमें पहुंची हैं। नेहरु नगर में असित गुप्ता के आवास पर सुबह सुबह आयकर की टीम पहुंची और सर्वे कर रही है।

जैन समाज और भाजपा नेताओं ने पहुंचकर जताया विरोध वहीं तमाम भाजपाई अरिहंत प्रकाशक के मालिक योगेश जैन की साकेत की कोठी पर पहुंची। भाजपा महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज के साथ स्थानीय पार्षद रचित गुलाटी, जैन समाज के लोग योगेश जैन से मिलने पहुंचे। सुरेश जैन रितुराज ने कहा दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हम लोग यहां किसी सरकारी काम में बाधा डालने नहीं बल्कि अपने समाज के प्रमुख व्यक्ति योगेश जैन से मिलने आए हैं। लेकिन यहां आयकर विभाग की जो टीमें जो अफसर हैं उन्होंनें हमें उनसे मिलने से रोका। हमें अदंर नहीं जाने दिया। जब यहां पर काफी लोग जुट गए और छापामार टीम को लगा कि माहौल खराब होगा तो उन्होंने योगेश जैन से हमारी मुलाकात कराई है। उनके साथ संदीप रेवड़ी, विवेक वाजपेयी सहित अन्य भाजपाई भी पहुंचे।

मुसलमानों के यहां क्यों नहीं जाती आयकर टीम रितुराज जैन ने कहा कि योगेश जैन बड़े समाजसेवी है। गौशालाओं से लेकर तमाम सामाजिक कार्यों में सेवा करते हैं। कहा कि आयकर विभाग का टार्गेट केवल वैश्य समाज, जैन समाज पर है। जबकि तमाम दूसरे वर्ग के ऐसे लोग हैं जिनके कत्लखाने चलते हैं। जिनके अवैध कारोबार से लाखों रुपयों का टैक्स चोरी किया जा रहा है आयकर विभाग उनके यहां कभी छापे नहीं डालता। आयकर का पूरा फोकस उन लोगों पर है जो बेरोजेगारों को रोजगार देते और सामाजिक कार्य करते हैं और टैक्स भी जमा करते हैं। कत्लखाने चलाने वालों पर भी आयकर विभाग छापा डाले।

योगेश जैन की हुइ्र है बाईपास सर्जरी अरिहंत प्रकाशन के मालिक योगेश जैन की कुछ समय पहले ही बाईपास सर्जरी हुई। उनकी पत्नी बीमार हैं और बेड पर हैं। ऐसे में व्यापारियों ने आयकर विभाग की टीम को स्पेशली कहा कि परिवार के साथ कोई जात्ति न की जाए। विभाग परिवार का उत्पीड़न न करे बल्कि सामान्य तरीके से अपनी प्रक्रिया पूरी करे।

व्यापारियों के उत्पीड़न पर उतारु आयकर विभाग साकेत जैन समाज के मुख्य संयोजक विशाल जैन भी मौके पर पहुंचे। विशाल जैन ने कहा कि अरिहंत प्रकाशन 1000 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहा है। कहा समाज में व्यापारी की हालत ऐसी हो गई है कि वो टैक्स भी भरे, जीएसटी भरे, रोजगार भी दे, इकनोमी बढ़ाए और छापेमारी भी सहे। इस पर सोचा जाना चाहिए।

Umh News india

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