खुर्जा विधानसभा से विधायक मीनाक्षी सिंह ने रखा बजट पर सदन में विचार
लखनऊ, बजट सत्र 2026उत्तर प्रदेश विधानसभा (Vidhan Bhawan) में जारी बजट सत्र 2026 के दौरान खुर्जा विधानसभा की लोकप्रिय विधायक मीनाक्षी सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर अपना विचार रखते हुए सरकार की नीतियों का तथ्यपूर्ण एवं संतुलित समर्थन प्रस्तुत किया।सदन में चल रही विस्तृत चर्चा के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास का रोडमैप है।—विकास, सुशासन और पारदर्शिता पर जोरप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्थापित सुशासन मॉडल, आर्थिक सुदृढ़ता और प्रशासनिक पारदर्शिता को विधायक मीनाक्षी सिंह ने तार्किक आधार पर रेखांकित किया।उन्होंने अपने वक्तव्य में निम्न बिंदुओं को विशेष रूप से प्रमुखता दी —✔️ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने हेतु संतुलित और दूरदर्शी बजट प्रावधान✔️ युवाओं, महिलाओं और किसानों के सशक्तिकरण हेतु लक्षित योजनाएँ✔️ रोजगार सृजन एवं बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश✔️ कानून व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के साथ सामाजिक सुरक्षा का विस्तार✔️ विपक्ष के प्रश्नों का तथ्यों एवं आंकड़ों के आधार पर संतुलित उत्तरउनका वक्तव्य संयमित, स्पष्ट और विकास-केन्द्रित रहा, जिसमें राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अधिक नीति और परिणामों पर बल दिखाई दिया।—खुर्जा विधानसभा से जुड़े प्रमुख मुद्दे उठाएविधायक मीनाक्षी सिंह ने अपने क्षेत्र की जनभावनाओं को भी मजबूती से सदन के समक्ष रखा। उन्होंने विशेष रूप से निम्न मांगों को प्राथमिकता दी —🔶 एनएच-34 से खुर्जा-जेवर मार्ग तक फोरलेन/मिनी बाईपास निर्माणवर्षों से चली आ रही जाम की समस्या के स्थायी समाधान तथा व्यापार एवं आवागमन की सुगमता हेतु यह प्रस्ताव अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।🔶 तेलिया घाट रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माणस्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और समय की बचत को ध्यान में रखते हुए इस मांग को व्यवहारिक आवश्यकता बताया गया।🔶 खुर्जा जंक्शन क्षेत्र को नगर पंचायत का दर्जाप्रशासनिक सुदृढ़ता, संसाधनों की उपलब्धता एवं क्षेत्रीय पहचान को नई दिशा देने हेतु यह प्रस्ताव रखा गया।—संतुलित दृष्टिकोण, स्पष्ट प्रतिबद्धताउन्होंने वर्तमान आवश्यकताओं के साथ अतीत की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए यह स्पष्ट किया कि विकास निरंतर प्रक्रिया है, जिसमें नीति, नियत और नियोजन — तीनों का संतुलन आवश्यक है।उनके वक्तव्य से यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि खुर्जा की जनता की अपेक्षाओं को पूरी गंभीरता और मजबूती के साथ सदन तक पहुँचाया गया है।—निष्कर्षलखनऊ में चल रहे इस बजट सत्र के दौरान यह स्पष्ट दिखा कि विकास की राजनीति और सकारात्मक नीति-चर्चा का प्रभाव सदन में परिलक्षित हो रहा है।यह प्रस्तुति केवल भाषण नहीं थी, बल्कि खुर्जा की जनता की आकांक्षाओं का सुविचारित और गरिमापूर्ण प्रतिनिधित्व था।

