गैस सिलेंडर चाहिए…घबराइए नहीं, रिजर्व स्टॉक
यूपी के अलग-अलग शहरों से गैस सिलेंडर आपूर्ति में लोगों के पैनिक होने की तस्वीरें सामने आ रही हैं। गैस सिलेंडर की आपूर्ति पुलिस की मौजूदगी में हो रही है। जिन्हें जरूरत नहीं, वो भी सिलेंडर की बुकिंग करवा रहे हैं।
सरकार कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति रोक चुकी है। लोगों को लग रहा है कि घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
ये आशंका कितनी सही है? आने वाले 6 महीनों में पेट्रोलियम कंपनियों की क्या तैयारी है? क्या सिलेंडर महंगे हो सकते हैं?
ईरान युद्ध के चलते गैस और क्रूड ऑयल को लेकर अनिश्चितता के हालात हैं। गैस सप्लाई 30% तक बाधित हुई है। इसी वजह से पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस सप्लाई की प्राथमिकता तय कर दी है। सरकार ने कॉमर्शियल गैस सप्लाई में 20 से 30% तक कटौती की है। एजेंसियां घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई पर फोकस कर रही हैं। इस तरह से सरकार आने वाले 6 महीने के लिए घरेलू गैस और सीएनजी की 100% उपलब्धता सुनिश्चित करना चाह रही है।
एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरियों ने एलपीजी प्रोडक्शन में करीब 10% की बढ़ोतरी की है। अफसरों का कहना है कि परेशान होने की जरूरत नहीं। गैस कंपनियां ग्राहकों को मैसेज करके बता रही हैं कि गैस की कमी के दावे भ्रामक हैं। खाद्य एवं रसद के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद कहते हैं कि यूपी में 20 से 25 दिन का घरेलू गैस सिलेंडर का स्टॉक रिजर्व है।
खाद्य एवं रसद के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद कहते हैं- देखिए, पैनिक बुकिंग की वजह से डिमांड में अचानक उछाल आ गया। इसलिए 6 मार्च को तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था। लॉक-इन पीरियल का मतलब है कि एक सिलेंडर डिलीवरी होने के 21 दिन बाद ही आप नया सिलेंडर बुक कर पाएंगे। 9 मार्च को लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। ऑटोमैटिक बुकिंग सिस्टम अपडेट कर दिया गया है। इसी वजह से गैस एजेंसियां बुकिंग नहीं ले पा रही हैं। आने वाले दिनों में लॉक-इन पीरियड में बदलाव की उम्मीद कम है। ईरान-इजराइल युद्ध से पहले किसी तरह का लॉक-इन पीरियड नहीं था। सिलेंडर की डिलीवरी के दिन ही लोग नया सिलेंडर बुक करा सकते थे। अब ऐसा नहीं हो रहा है। इसी वजह से लोगों में घबराहट का माहौल है। पैनिक होने की जरूरत नहीं है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम सरकार को जरूरी वस्तुओं जैसे- अनाज, दालें, खाने का तेल, दवाइयां या ईंधन की सप्लाई और कीमतों को कंट्रोल करने की ताकत देता है। आसान भाषा में इसे जमाखोरी रोकने वाला कानून कह सकते हैं। इसके तहत व्यापारियों के लिए स्टॉक की एक लिमिट तय कर दी जाती है कि वे एक सीमा से ज्यादा सामान गोदामों में नहीं भर सकते। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी नहीं हो सकेगी। खाद्य एवं रसद के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद कहते हैं- किसी भी जिले में ऐसा नहीं है कि गैस सप्लाई थमी हो। बुकिंग होने के बाद सप्लाई का स्टैंडर्ड टाइम 7 दिन होता है। यूपी में 2-3 दिन में घरों में होम डिलीवरी हो रही है। हर दिन 8 से 10 लाख सिलेंडर की होम डिलीवरी हो रही है।
इसके लिए टोलफ्री नंबर जारी किया है। लोग 1800-2333-555 पर कॉल कर सकते हैं। ये इंडेन, भारत और एचपी सभी उपभोक्ताओं के लिए कॉमन नंबर है। इसके अलावा mylpg.in पर भी ऑनलाइन भी शिकायत कर सकते हैं।

