राष्ट्रपति ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या के राम मंदिर पहुंचीं। उन्होंने रामलला के दर्शन किए। दूसरे फ्लोर पर बने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर को भी देखा। सीएम योगी ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी।
राष्ट्रपति ने कहा- अयोध्या में प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया था। इस पवित्र भूमि पर कदम रखना ही मेरे लिए सौभाग्य की बात है। राष्ट्रपति करीब साढ़े 10 बजे दिल्ली से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम ने उनका स्वागत किया।
वहीं, सीएम योगी ने कहा- दुनिया के तमाम देशों में उथल-पुथल मची हुई है। युद्ध चल रहा है। जबकि भारत में शांति है। ये नया और बदलता हुआ भारत है। सपा पर निशाना साधते हुए कहा- आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया जाता था। अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो यूपी और देश की सत्ता में रहते थे। राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा वृंदावन की बात करना उनके लिए अंधविश्वास का पर्याय था।
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राष्ट्रपति का यह दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 1 मई, 2024 को अयोध्या आई थीं। राष्ट्रपति अयोध्या में करीब 5 घंटे रुकने के बाद दोपहर 3 बजे मथुरा के लिए रवाना हो गईं। जहां वह इस्कॉन और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी। शुक्रवार यानी 20 मार्च को प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करेंगी।
राम यंत्र को कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित मठ में तैयार किया गया। इसके बाद इसे कांचीपुरम से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) लाया गया। फिर रथयात्रा के जरिए 10 दिन पहले इसे अयोध्या पहुंचाया गया। राम यंत्र का वजन 150 किलो है। इस पर सोने की परत चढ़ाई गई है।
राष्ट्रपति बोलीं- राम जन्मभूमि पर कदम रखना सौभाग्य की बात
राष्ट्रपति ने कहा- अयोध्या में प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया था। इस पवित्र भूमि पर कदम रखना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान राम ने अपनी जन्मभूमि को स्वर्ग से भी बढ़कर बताया था। अयोध्या नगरी सभी राम भक्तों के लिए भी सबसे अधिक प्रिय है।
उन्होंने कहा- लंका विजय के बाद भगवान राम का माता सीता और भाइयों के साथ अयोध्या लौटने का कलात्मक चित्रण संविधान के पृष्ठों पर देखने को मिलता है। मुझे इस चित्र को देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है।
उन्होंने कहा- प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर मैंने प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा था, जिसमें कहा था कि राम मंदिर का निर्माण और इसका साक्षी बनना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। हम लोग विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। 2040 या उससे पहले हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा- तुलसीदास ने रामायण में जैसी राम राज्य की परिकल्पना की थी, उसी दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। प्रभु श्री के आशीर्वाद से राम मंदिर की लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है। मैं प्रभु से यही कामना करूंगी कि सभी देशवासियों पर अपनी कृपा बनाए रखें।

