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राघव चड्ढा का जवाब- खामोश कराया, हारा नहीं

आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने को लेकर शुक्रवार को पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में कहा- मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं। आम आदमी को ये मेरा संदेश है।

राघव चड्‌ढा ने कहा कि मैंने पब्लिक के मुद्दे उठाए, इससे AAP को क्या नुकसान हुआ? वीडियो के आखिर में उन्होंने AAP को चेतावनी दी कि आवाज खामोश कराने वालों के सामने मैं सैलाब बनकर आऊंगा। हालांकि, राघव ने न तो पार्टी के किसी नेता का नाम लिया और न ही पार्टी छोड़ने या आगे की रणनीति को लेकर कुछ कहा।

उधर, AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि राघव चड्‌ढा सदन में पार्टी के मुद्दे उठाने के बजाय एयरपोर्ट की कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने की बात करते उठाते थे। सदन में पार्टी के लाए प्रस्ताव पर भी भाई साहब ने साइन करने से मना कर दिया था। निडरता पहली पहचान है हमारी। कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए?

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि कई बार फैसले विपक्ष के साथ मिलकर भी लेने पड़ते हैं। अगर कोई पार्टी लाइन के खिलाफ जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। AAP ने गुरुवार को चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था। पंजाब से ही राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को उनकी जगह दे दी। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर जानकारी दी थी। लेटर में कहा कि चड्ढा को सदन में पार्टी की तरफ से बोलने का समय न दिया जाए। पार्टी ने इस फैसले की वजह नहीं बताई।

राघव 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। उनका कार्यकाल 2028 तक है। हालांकि, राघव चड्‌ढा ने लंबे समय से पार्टी से दूरी बना ली थी और AAP को लेकर कोई बयान नहीं दिया। यहां तक कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के वक्त वह UK में थे। शराब घोटाला मामले में केजरीवाल के बरी होने पर भी उन्होंने एक शब्द नहीं कहा था।

राघव चड्‌ढा की वीडियो में कहीं 4 बातें

  • जिस मुद्दे को कोई नहीं उठाता, मैंने वह उठाए: वीडियो में चड्ढा संसद परिसर में खड़े होकर बोल रहे हैं। उन्होंने कहा- मुझे जब भी पार्लियामेंट में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। शायद ऐसे टॉपिक्स उठाता हूं, जिसे आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना, पब्लिक इश्यूज पर बात करना कोई अपराध है। क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैंने कुछ गलत किया।
  • मेरे बोलने पर रोक क्यों लगानी चाही: ये सवाल आज मैं इसलिए पूछ रहा हूं, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटरिएट को ये कहा है कि राघव चड्‌ढा के बोलने पर रोक लगा दी जाए। जी हां, आम आदमी पार्टी ने पार्लियामेंट को ये सूचित किया है कि राघव चड्‌ढा को बोलने का मौका न दिया जाए। राघव ने कहा कि अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो जब बात करता हूं, देश के आम आदमी की बात करता हूं।
  • मैंने तो जनता के मुद्दे ही उठाए: मैं एयरपोर्ट पर मिल रहे महंगे खाने की बात करता हूं। जोमेटो-ब्लिंकिट के डिलीवरी राइडर्स की प्रॉब्लम की बात रखी। खाने में मिलावट का मुद्दा उठाया। टोल प्लाजा लूट से लेकर बैंक चार्जेस लूट की बात की। यहां तक कि मिडिल क्लास पर टैक्स के बोझ से लेकर कॉन्टेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक क्यों की जाती है। टेलीकॉम कंपनियां कैसे 12 महीने में 13 महीने का हमसे रिचार्ज करवाती हैं। डेटा रोलओवर नहीं देती हैं। रीचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग रोक देती हैं।
  • मेरे बोलने से AAP को क्या नुकसान हुआ: ये मुद्दे उठाने के बाद देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, इससे आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। भला कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा। कोई मेरी आवाज को क्यों बंद करना चाहेगा। जिन लोगों ने आज पार्लियामेंट में मेरे बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया, मुझे खामोश कर दिया, मैं उन्हें भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।
Umh News india

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