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रमजान 2026 टाइम टेबल :30 दिनों के सेहरी और इफ्तार की जानिए पूरे टाइमिंग

Ramadan India Date Time: मस्जिदों से आती अज़ान की आवाज़ और रसोई में बनती सेहरी रमज़ान का महीना आते ही यह सब जैसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है. भारत में रमज़ान 2026 को लेकर तैयारियां तेज़ हो चुकी हैं. बाज़ारों में खजूर की मांग बढ़ने लगी है, घरों में दालें और सूखे मेवे जमा किए जा रहे हैं और लोग मोबाइल पर “Ramadan 2026 India Sehri Iftar Time” सर्च कर रहे हैं. इस्लामी चांद के दीदार पर निर्भर यह पवित्र महीना 19 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है. चांद दिखने की पुष्टि के बाद पहला रोज़ा रखा जाएगा. ऐसे में सही सेहरी और इफ्तार का समय जानना हर रोज़ेदार के लिए ज़रूरी हो जाता है, ताकि इबादत पूरी अनुशासन और श्रद्धा के साथ की जा सके.

भारत में रमज़ान 2026 कब से?
रमज़ान इस्लामी हिजरी कैलेंडर के नौवें महीने का नाम है. यह चांद के हिसाब से चलता है, इसलिए हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख बदलती रहती है. 2026 में भारत में रमज़ान 19 फरवरी से शुरू होने की उम्मीद है, हालांकि अंतिम फैसला चांद दिखने पर निर्भर करेगा. यह महीना करीब 29 या 30 दिनों तक चलता है और इसके बाद शव्वाल का महीना शुरू होता है, जिसकी पहली तारीख को Eid al-Fitr मनाई जाती है. 2026 में ईद 20 या 21 मार्च को पड़ सकती है, यह भी चांद के अनुसार तय होगा.

रमज़ान सिर्फ भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है. यह आत्मसंयम, सब्र और आत्मचिंतन का महीना है. इस दौरान मुसलमान दिन में पांच वक्त की नमाज़ के साथ-साथ कुरआन की तिलावत, दान और जरूरतमंदों की मदद पर विशेष ध्यान देते हैं. दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में रहने वाले 62 वर्षीय यूसुफ़ खान बताते हैं, “रमज़ान हमें अपने अंदर झांकने का मौका देता है. दिन भर की भूख हमें गरीबों की तकलीफ समझने में मदद करती है.” रमज़ान में रोज़ा रखने से मानसिक अनुशासन बढ़ता है और आध्यात्मिक संतुलन मजबूत होता है. यह महीना रिश्तों को भी करीब लाता है इफ्तार पर परिवार और दोस्त एक साथ बैठते हैं, दुआ करते हैं और खाना साझा करते हैं.

रोज़ा क्या है और कैसे रखा जाता है?
रोज़ा: सिर्फ उपवास नहीं, एक अनुशासन
रोज़ा सुबह फज्र की अज़ान से पहले शुरू होता है और सूर्यास्त तक चलता है. इस दौरान खाने-पीने से परहेज़ किया जाता है. साथ ही बुरी आदतों, गलत शब्दों और नकारात्मक सोच से भी दूरी बनाने की कोशिश की जाती है. कई कामकाजी लोग बताते हैं कि रोज़े के दौरान ऑफिस या दुकान संभालना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन नीयत और आदत के साथ सब सहज हो जाता है. यही रमज़ान की असली ताकत है इच्छाशक्ति.

इफ्तार क्या है?
इफ्तार सूर्यास्त के समय रोज़ा खोलने की प्रक्रिया है. परंपरा के अनुसार खजूर और पानी से रोज़ा खोला जाता है. इसके बाद नमाज़ और फिर मुख्य भोजन होता है.

भारत में रमज़ान 2026: सेहरी और इफ्तार का संभावित समय
नीचे दिया गया समय संभावित है और स्थानीय मस्जिदों की घोषणा के अनुसार थोड़ा बदल सकता है.

तारीखसेहरी का समयइफ्तार का समय
19 फरवरी, 2026सुबह 05:36शाम 06:15 बजे
20 फरवरी, 2026सुबह 05:35शाम 06:16
21 फरवरी, 2026सुबह 05:35शाम 06:17
22 फरवरी, 2026सुबह 05:34शाम 06:17
23 फरवरी, 2026सुबह 05:33शाम 06:18
24 फरवरी, 2026सुबह 05:32शाम 06:19
25 फरवरी, 2026सुबह 05:31शाम 06:19
26 फरवरी, 2026सुबह 05:30शाम 06:20
27 फरवरी, 2026सुबह 05:29शाम 06:21
28 फरवरी, 2026सुबह 5:28शाम 6:21
1 मार्च, 2026सुबह 5:27शाम 6:22
2 मार्च, 2026सुबह 5:26शाम 6:23
3 मार्च, 20262026 सुबह 5:25शाम 6:23
4 मार्च, 2026सुबह 5:24शाम 6:24
5 मार्च, 2026सुबह 5:23शाम 6:25
6 मार्च, 2026सुबह 5:22शाम 6:25
7 मार्च, 2026सुबह 5:21शाम 6:26
8 मार्च, 2026सुबह 5:20शाम 6:26
9 मार्च, 2026सुबह 5:19शाम 6:27
10 मार्च 2026सुबह 05:18शाम 06:28
11 मार्च, 2026सुबह 05:17शाम 06:28
12 मार्च, 2026सुबह 05:15शाम 06:29
13 मार्च, 2026सुबह 05:14शाम 06:29
14 मार्च, 2026सुबह 05:13शाम 06:30
15 मार्च, 2026सुबह 05:12शाम 06:31
16 मार्च, 2026सुबह 05:11शाम 06:31
17 मार्च, 2026सुबह 05:10शाम 06:32
18 मार्च, 2026सुबह 05:08शाम 06:32
19 मार्च, 2026सुबह 05:07शाम 06:33
20 मार्च, 2026सुबह 05:06 बजेशाम 06:33 बजे

(पूरे महीने के दौरान समय हर दिन कुछ मिनट बदलता रहेगा.)

सेहरी क्या है?
सेहरी (सुहूर) वह भोजन है जो सुबह सूर्योदय से पहले किया जाता है. डॉक्टरों की सलाह है कि सेहरी में प्रोटीन, फाइबर और पानी की मात्रा संतुलित होनी चाहिए. ओट्स, दही, फल और सूखे मेवे दिन भर ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं. कई परिवारों में सेहरी का समय भी एक छोटी-सी पारिवारिक बैठक जैसा होता है नींद भरी आंखें, हल्की बातचीत और फिर नमाज़.

बदलता समय, पर परंपरा वही
तकनीक ने बहुत कुछ आसान कर दिया है. अब मोबाइल ऐप्स, गूगल कैलेंडर और मस्जिदों के व्हाट्सऐप ग्रुप से सेहरी और इफ्तार के समय तुरंत मिल जाते हैं. लेकिन रमज़ान की असली खूबसूरती आज भी वही है सुबह की दुआ, दिन भर का सब्र और शाम की साझा दावत. रमज़ान 2026 आस्था, अनुशासन और एकजुटता का संदेश लेकर आ रहा है. सही समय की जानकारी और नियत की पवित्रता के साथ यह महीना हर रोज़ेदार के लिए खास बन सकता है.

Umh News india

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