नाबालिग से दुष्कर्म-अपहरण, 20 साल कठोर कारावास
बुलंदशहर में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। पोक्सो एक्ट के तहत मुख्य आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और भारी अर्थदंड की सजा दी गई है, जबकि दूसरे आरोपी को भी कारावास और जुर्माने से दंडित किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना वर्ष 2021 में हुई थी। अभियुक्त सागर उर्फ सिद्धार्थ पुत्र लोकेश बंसल और लोकेश बंसल पुत्र कुलभूषण सिंह, निवासी राजदरबार के पीछे वाली गली, मोहल्ला कोठियात, थाना कोतवाली नगर, जनपद बुलंदशहर ने वादी की नाबालिग बेटी का अपहरण किया था।
अपहरण के बाद, अभियुक्त सागर उर्फ सिद्धार्थ ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था।
इस संबंध में 22 अक्टूबर 2021 को थाना कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर 19 जनवरी 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल पांच गवाहों का परीक्षण किया गया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय पोक्सो-01 के न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह तृतीय ने 7 जनवरी 2026 को दोनों अभियुक्तों को दोषी पाया।
न्यायालय ने अभियुक्त सागर उर्फ सिद्धार्थ को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 46,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया। वहीं, अभियुक्त लोकेश बंसल को 3 वर्ष का कारावास और 3,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजक महेश राघव ने पैरवी की।

