सहारनपुर में CWC-प्रोबेशन विभाग में भ्रष्टाचार
सहारनपुर में बाल कल्याण समिति (CWC) और जिला प्रोबेशन विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। एक युवक ने एंटी करप्शन कोर्ट के आदेश पर डीपीओ समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज कराकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। थाना सदर बाजार पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना मंडी क्षेत्र की मदनपुरी कॉलोनी निवासी प्रशांत वर्मा ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट में वाद दायर किया। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय, बाल कल्याण समिति सदस्य आदित्य वालिया, अध्यक्ष अनिल कुमार और वरिष्ठ सहायक जूली पर मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है।
सरकारी पैसा का किया गया दुरुपयोग शिकायत के अनुसार, समिति की बैठकों में उपस्थिति के नियमों का उल्लंघन कर फर्जी उपस्थिति दर्ज की गई और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि सदस्य आदित्य वालिया जुलाई 2023 से अक्टूबर 2023 तक बैठकों में अनुपस्थित रहे, लेकिन सितंबर में उनकी दो दिन की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई। जिन आदेश पत्रों में उपस्थिति दर्ज है, उन पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं, जिससे रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका जताई गई है।
3 चौथाई सदस्यों की उपस्थिति जरूरी प्रशांत वर्मा ने बताया कि नियमों के मुताबिक समिति की बैठकों में कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों की उपस्थिति जरूरी होती है और हर सदस्य को सालाना बैठकों के 75 प्रतिशत में शामिल होना होता है। साथ ही कोई सदस्य बिना वैध कारण लगातार तीन महीने अनुपस्थित नहीं रह सकता। इसके बावजूद आदित्य वालिया को पद पर बनाए रखने और उन्हें वेतन देने पर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से इस पूरे मामले को अंजाम दिया। वरिष्ठ सहायक जूली द्वारा वेतन बिल तैयार करना और अधिकारी द्वारा बिना जांच उसे पास करना भी संदेह के घेरे में बताया गया है।
प्रशांत वर्मा का कहना है कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में प्रमुख सचिव (महिला एवं बाल विकास) और डीएम को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजकर मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन तीन महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि तय समयसीमा बीतने के बाद अनुमति स्वतः स्वीकृत मानी जाती है।
आरोप है कि थाना सदर बाजार और एसएसपी को भी शिकायत दी गई, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश का भी आरोप लगाया है। कोर्ट ने अब मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि इस मामले में डीएम स्तर पर दो बार जांच कराई जा चुकी है, जिसमें कोई अनियमितता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि आगे की जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा और सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे

