Silver Price Tomorrow: चांदी की कीमतों में तेज गिरावट
दिल्ली. जनवरी के आखिर में चांदी की कीमतों ने निवेशकों को चौंका दिया है. रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद चांदी करीब 30 प्रतिशत तक टूट चुकी है. भारत में जहां एक तरफ खुले बाजार में कीमतें नरम पड़ी हैं, वहीं MCX पर चांदी के फ्यूचर्स में एक ही दिन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इस तेज उतार-चढ़ाव के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण माने जा रहे हैं, जिनका असर आगे भी बाजार पर दिख सकता है.
जनवरी में जबरदस्त तेजी के बाद आई ठंडक
जनवरी की शुरुआत चांदी के लिए बेहद मजबूत रही. वैश्विक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और सेफ-हेवन डिमांड के चलते कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला. महीने के अंत तक चांदी रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई. 31 जनवरी को भारत में खुले बाजार में चांदी करीब 3.35 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी, जबकि MCX पर मार्च फ्यूचर्स लगभग 3.95 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास थे. हालांकि, इसी तेजी के बाद बाजार में थकान के संकेत दिखने लगे और कीमतें साइडवेज मूवमेंट में चली गईं.
चांदी की कीमतों में तेज गिरावट क्यों आई
चांदी में आई हालिया गिरावट के पीछे कई वैश्विक फैक्टर जिम्मेदार हैं. अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं का आकर्षण कम हुआ, क्योंकि डॉलर में कीमत तय होने से विदेशी खरीदारों के लिए चांदी महंगी पड़ने लगी. साथ ही, सोने की कीमतों में कमजोरी ने भी चांदी को नीचे खींचा, क्योंकि दोनों धातुओं में गहरा संबंध माना जाता है. इसके अलावा, अमेरिका में फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेतों ने भी बाजार की धारणा बदल दी, जिससे निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया.

