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Health

‘लिवर’ के लिए खतरनाक हैं ये पांच चीजें, शरीर में भर सकते हैं जहर!

  • दिल्ली । आजकल लिवर की बीमारियां दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अप्रैल 2024 के आंकड़ों के अनुसार ‘नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज’ (एन.ए.एफ.एल.डी.) अब लिवर की सबसे आम बीमारी बन चुकी है और ये लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। इसका इलाज और दवाएं बहुत महंगी होती हैं पर अच्छी बात है कि आपका खाना और लाइफस्टाइल आपके लिवर की सेहत पर बहुत असर डालते हैं यानी अगर आप सही भोजन करें और कुछ फूड्स को सीमित करें, तो लिवर कोआसानी से बचाया जा सकता है।
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  • मतलब साफ है कि आपकी स्थिति लिवर फेलियर तक नहीं पहुंचती। इसी को समझाते हुए ‘लिवर डॉक्टर’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. साइरिएक एबी फिलिप्स ने हाल ही में अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ जरूरी बातें बताईं। उन्होंने बताया। कि कौन से फूड्स आपको नहीं खाने चाहिएं। 
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  • 1. मीठे ड्रिंक्स से बनाएं दूरी 
  • सोडा, पैकेज्ड जूस, मीठी चाय या कॉफी जैसे ड्रिंक्स में बहुत ज्यादा चीनी होती है। ये शूगर आपके लिवर में फैट जमा करती है, जिससे समय के साथ फैटी लिवर डिजीज हो सकती है। अगर आपको कुछ मीठा पीना ही है, तो घर पर बिना चीनी वाला फ्रैश जूस या नींबू-पानी पिएं।
  • 2. नारियल तेल का इस्तेमाल कम करें 
  • नारियल तेल भारतीय किचन में बहुत पॉपुलर है, लेकिन इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है। ये लिवर में फैट जमा कर सकता है। अगर आप रोजाना खाना बनाते हैं, तो सरसों तेल, ऑलिव ऑयल या मूंगफली तेल जैसे हल्के ऑप्शन चुनें।
  • 3. पाम ऑयल प्रोडक्ट्स से बचें 
  • पाम ऑयल यानी ताड़ का तेल ज्यादातर फ्राईड या पैक्ड फूड में पाया जाता है, जैसे बिस्किट, चिप्स, नूडल्स वगैरह। यह तेल भी लिवर में फैट बढ़ाता है और शरीर में सूजन पैदा करता है। बेहतर होगा आप लो प्रोसैस्ड खाना ही खाएं।
  • 4. मक्खन और घी सीमित करें 
  • मक्खन और घी में भी सैचुरेटेड फैट बहुत होता है। थोड़ी मात्रा में तो ठीक है, लेकिन ज्यादा खाने से लिवर पर दबाव बढ़ सकता है। डॉ. फिलिप्स की सलाह है कि अगर आप लिवर की सेहत सुधारना चाहते हैं, तो इनका सेवन हफ्ते में कुछ ही बार करें।
  • 5. शराब से पूरी तरह बचें 
  • डॉ. फिलिप्स के अनुसार शराब लिवर की सबसे बड़ी दुश्मन है। यह लिवर सैल्स को नुकसान पहुंचाती है और अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (ए.एफ.एल.डी.) का कारण बनती है। लिवर पहले से कमजोर है, तो शराब पीना उसे और खराब कर सकता है।
  • ब्लैक कॉफी जरूर पिएं
  • अगर आप ऐसी ड्रिंक ढूंढ रहे हैं जो लिवर के लिए फायदेमंद है तो ब्लैक कॉफी बैस्ट ऑप्शन है। बिना शूगर वाली ब्लैक कॉफी लिवर सैल्स को सुरक्षित रखती है, फैट जमने से रोकती है और लिवर एंजाइम को बेहतर बनाती है। इसका मतलब है कि रोजाना ब्लैक कॉफी पीना लिवर के लिए एक अच्छी आदत है।
  • क्या है फैटी लिवर
  • लिवर में सामान्यतः करीब 5 प्रतिशत फैट होता है। जब यह मात्रा बढ़ जाती है, तो इसे फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है। फैटी लिवर दो तरह का होता है। ए.एफ.एल.डी. (अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज) यह शराब पीने से होता है।
  • एन.ए.एफ.एल.डी. (नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज)- शराब न पीने वालों में यह होता है। यह मोटापा, डायबिटीज या मैटाबॉलिक समस्याओं से हो सकता है। हालांकि, अब डॉक्टर इसे एक नए नाम से बुला रहे हैं और वह एम.ए.एस.एल.डी. (मैटाबोलिक डिसफंकशन-एसोसिएटेड स्टीएटोटिक लिवर डिजीज) है।
  • ध्यान देना क्यों जरूरी?
  • शुरुआती स्टेज पर फैटी लिवर में ज्यादातर लोगों को कोई लक्षण नहीं दिखते। कभी-कभी भारी खाना खाने के बाद पेट के दाहिने हिस्से में हल्का दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया गया, तो यह सूजन, फाइब्रोसिस या सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
Umh News india

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