Traffic Challan: 40+ चालान वाली गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा कैंसिल
Ghaziabad News: अगर आप भी ट्रैफिक नियमों को तोड़ने और बार-बार चालान कटने के बावजूद गाड़ी चला रहे हैं, तो जरा सावधान हो जाइए. अब लगातार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है. जी हां…मेरठ मंडल में 50 से अधिक बार चालान कटने वाले 132 वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी है. नियमों की अनदेखी करने वाले हजारों वाहन मालिकों को अब सीधे अपने वाहन के रजिस्ट्रेशन निरस्तीकरण का सामना करना पड़ेगा.
ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मेरठ मंडल प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है. मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी के निर्देश पर ऐसे 1339 वाहनों की पहचान की गई है, जिन पर लगातार चालान कटते रहे हैं. इनमें 50 से अधिक चालान वाले 132 वाहन और 40 से अधिक चालान वाले 1207 वाहन शामिल हैं. इन सभी वाहनों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है. प्रशासन का साफ कहना है कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन न सिर्फ खुद के लिए, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी खतरा बनते हैं. अधिकारियों के अनुसार, मेरठ मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत में ट्रैफिक नियम तोड़ने के मामलों की समीक्षा की गई थी. जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में वाहन मालिक चालान कटने के बावजूद नियमों का पालन नहीं कर रहे.
NH और एक्सप्रेसवे पर लगेंगे कैमरे और सख्त निगरानी
बैठक में एनएचएआइ के अधिकारियों को अनधिकृत कट बंद करने, झाड़ियों की कटाई कर दृश्यता बढ़ाने तथा दुर्घटना संभावित स्थलों की सूची यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा गया. इतना ही नहीं, बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर हर 500 से 1500 मीटर की दूरी पर स्पीड लिमिट, रेड लाइट और ओवरस्पीडिंग कैमरे लगाए जाएंगे. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि वाहन चालक हर समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें.
अवैध स्टैंड और सड़क किनारे खड़े वाहनों पर भी एक्शन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के बाहर, सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों और अवैध स्टैंड चलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी. इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभाग संयुक्त अभियान चलाएंगे. वहीं, टोल प्लाजा पर 24 घंटे एंबुलेंस की उपलब्धता, शिफ्टवार ड्यूटी, चालक का नाम और मोबाइल नंबर स्थानीय थानों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है. कोहरे को देखते हुए एनएच और एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा अधिक कोहरा होने पर वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के लिए भी कहा गया.
चालान नहीं, नियमों का पालन जरूरी
अधिकारियों का कहना है कि चालान काटना उद्देश्य नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना प्राथमिक लक्ष्य है. जो वाहन मालिक लगातार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, उनके खिलाफ अब कठोर कार्रवाई तय है. बताया कि सड़क सुरक्षा नियमों के प्रचार-प्रसार के लिए एफएम रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा गया है.

