UP : न्याय मांगने पहुंचे परिवार को पुलिस ने पीटा, लात-घूसों से मारा
बहराइच में ट्रांसफॉर्मर बनाने गए लाइनमैन की करंट से मौत हो गई। न्याय मांगने डीएम आवास गए परिजनों को पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाने की कोशिश की। बहन को पुलिस ने लात-घूसों से मारा। मारपीट का वीडियो सामने आया है। जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पहुंची पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन जब लोग नहीं माने तो उन्हें सड़क से हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया। सैंकड़ों की संख्या में पुलिस कर्मी पहुंचे और पीड़ित परिवार को मारना-पीटना शुरू कर दिया।
मृतक की बहन के साथ महिला पुलिसकर्मियों द्वारा लात-घूंसे मारने का वीडियो राहगीरों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। शनिवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट किया गया है, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। मिर्जापुर के रहने वाले दीपचंद्र मौर्य (35) बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर संविदाकर्मी की नौकरी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले वह खराब पड़े ट्रांसफार्मर को ठीक करने गए थे। सहकर्मियों के मुताबिक मरम्मत का काम चल ही रहा था कि अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई। इससे लाइनमैन करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद विभागीय लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रामगांव थाना क्षेत्र
दीपचंद्र की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और बिजली सप्लाई बंद करने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीण जिलाधिकारी आवास के पास पहुंच गए और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए, जिससे कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
दीपचंद्र के सहकर्मियों ने भी घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब ट्रांसफार्मर पर काम चल रहा था तो बिजली सप्लाई अचानक कैसे चालू हो गई, इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी समझाने के बाद भी सड़क खाली नहीं कर रहे थे और कुछ लोग हंगामा करने लगे थे, जिसके कारण उन्हें हटाना पड़ा।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच की बात कही है। इस घटना के बाद इलाके में गुस्सा और शोक दोनों का माहौल है, जबकि मृतक के परिवार को अब भी इंसाफ का इंतजार है।

