UPSC CSE 2026: यूपीएससी ने आईएएस-आईपीएस के लिए बदले नियम
दिल्ली (UPSC CSE 2026 New Rules). संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. लेकिन इस बार का नोटिफिकेशन केवल रिक्तियों (933 पद) की संख्या के कारण नहीं, बल्कि नियमों में किए गए बदलावों के कारण भी चर्चा में है. नए नियमों के अनुसार, अब उन उम्मीदवारों के लिए रास्ते बंद कर दिए गए हैं जो पहले से ही आईएएस या आईएफएस में नियुक्त हो चुके हैं. अगर कोई उम्मीदवार एक बार इन 2 सेवाओं में से किसी एक का सदस्य बन जाता है तो वह सेवा में रहते हुए दोबारा यूपीएससी की परीक्षा नहीं दे सकेगा.
यूपीएससी 2026 नियमों में बदलाव उन लोगों के लिए बड़ा झटका है, जो अपनी रैंक सुधारने या कैडर बदलने के लिए बार-बार परीक्षा देते थे. आयोग का स्पष्ट कहना है कि अगर किसी उम्मीदवार की नियुक्ति प्रीलिम्स के बाद और मेंस से पहले भी इन सेवाओं में हो जाती है तो उसे मेंस परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके अलावा, IPS (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं- वे अब दोबारा IPS का विकल्प नहीं चुन सकते. इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और सेवाओं में होने वाली बार-बार की नियुक्तियों को रोकना है.
आईएएस और आईएफएस अधिकारी दोबारा नहीं दे पाएंगे परीक्षा
UPSC 2026 नोटिफिकेशन के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले से ही आईएएस या आईएफएस अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, वे अब इस परीक्षा के लिए पात्र नहीं होंगे. यह नियम परीक्षा के हर चरण पर लागू होगा. अगर कोई उम्मीदवार प्रीलिम्स पास कर लेता है और उसी दौरान उसे पिछले साल के रिजल्ट के आधार पर IAS या IFS आवंटित कर दिया जाता है तो उसे मेंस परीक्षा देने से रोक दिया जाएगा. अगर मेंस के दौरान ऐसी नियुक्ति होती है तो उसके 2026 के प्रयासों को अवैध माना जाएगा.
भरातीय पुलिस सेवा (IPS) में कार्यरत अधिकारियों के लिए नियम थोड़ा अलग है. वे परीक्षा तो दे सकते हैं (जिससे वे IAS बन सकें), लेकिन वे अपनी पसंद (Preference) में दोबारा IPS को नहीं चुन सकते. इसका मतलब है कि एक बार IPS बनने के बाद, आप अपनी रैंक सुधारने के लिए दोबारा उसी सेवा में नहीं जा सकते. यह नियम आईपीएस के खाली पदों को सुरक्षित रखने और बार-बार एक ही व्यक्ति के चयन को रोकने के लिए लाया गया है.
जिन उम्मीदवारों को 2025 या उससे पहले किसी सेवा में नियुक्त किया गया था, उन्हें एक अंतिम अवसर के रूप में 2026 या 2027 की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है. लेकिन 2028 से सेवा में रहते हुए परीक्षा देने का यह ‘लूपहोल’ पूरी तरह बंद हो जाएगा. इस साल रिक्तियों की संख्या घटाकर 933 कर दी गई है (पिछले साल 1056 थी). पदों में इस कमी और नए नियमों के कारण, फ्रेशर्स और उन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला और कठिन हो गया है, जो पहली बार सेवाओं में एंट्री करने की कोशिश कर रहे हैं.
संघ लोक सेवा आयोग ने उन उम्मीदवारों को थोड़ी राहत दी है जो 2026 की परीक्षा में IPS या ग्रुप ‘A’ सेवाओं के लिए चुने जाएंगे. उन्हें CSE 2027 में बैठने का एक आखिरी मौका दिया जाएगा, बशर्ते वे ट्रेनिंग जॉइन करने से आधिकारिक ‘छूट’ (Exemption) प्राप्त करें. हालांकि, यह सुविधा जीवन में केवल एक बार मिलेगी. अगर वे 2027 में भी सफल नहीं होते तो उन्हें 2028 या उसके बाद की परीक्षाओं में बैठने के लिए अपनी वर्तमान नौकरी से इस्तीफा (Resignation) देना होगा.

