आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, STF ने मास्टरमाइंड समेत 7 को किया गिरफ्तार
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत-पीएम जन आरोग्य योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. UP STF ने ये खुलासा करते हुए न सिर्फ अवैध तरीके से हजारों अपात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाकर सरकार को भारी राजस्व क्षति पहुंचाने का दावा किया है. बल्कि ऐसा करने वाले संगठित गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है.
STF जांच में सामने आया है कि आरोपी पात्र परिवारों की फैमिली आईडी में ओटीपी बाइपास कर अपात्र लोगों को सदस्य के रूप में जोड़ते थे. इसके बाद Implementation Support Agency (ISA) और State Health Agency (SHA) में तैनात अपने संपर्कों के जरिए फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड अप्रूव कराए जाते थे. इन कार्डों के माध्यम से निजी और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराया गया. जिससे सरकार को लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है.
मास्टरमाइंड गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मास्टरमाइंड चन्द्रभान वर्मा साइबर कैफे का संचालक रह चुका है. पूछताछ में उसने बताया कि साल 2024 में उसने लखनऊ के खरगापुर क्षेत्र में साइबर कैफे खोला था. इसी दौरान उसकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई थी, जो अपात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने का काम करते थे. इसके बाद उसने ISA और SHA में कार्यरत कर्मचारियों से सांठगांठ कर फर्जी कार्ड बनवाने का नेटवर्क खड़ा किया था. प्रति कार्ड लोगों से करीब 6 हजार रुपये लिए जाते थे, जिसमें से 1,000 से 5,000 रुपये तक अप्रूवल के लिए संबंधित कर्मचारियों को देते थे.

