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चारधाम यात्रा 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, कैसे करें पंजीकरण

दिल्ली । उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। हर साल की तरह इस बार भी देश और विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के उत्तराखंड पहुंचने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य पर्यटन विभाग ने यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। 6 मार्च की सुबह 7 बजे से श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

कब से शुरू होगी चारधाम यात्रा

प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का मकसद यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है, ताकि यात्रा मार्गों पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और हर यात्री को बेहतर अनुभव मिल सके। पर्यटन विभाग के अनुसार, इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल, 2026 से होने जा रही है।  यात्रा के दौरान अलग-अलग तिथियों पर चारों धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

श्रद्धालुओं को यात्रा में न हो परेशानी

जानकारी के मुताबिक, केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल से खुलने जा रहे हैं, जबकि बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल से दर्शन के लिए उपलब्ध होगा। प्रशासन ने इन तिथियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वेबसाइट और मोबाइल एप से आसान रजिस्ट्रेशन

चारधाम यात्रा में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई है।

– श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट  registrationandtouristcare.uk.gov.in या मोबाइल एप Tourist Care Uttarakhand के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

– यह डिजिटल व्यवस्था यात्रा को व्यवस्थित रखने और यात्रियों की जानकारी रिकॉर्ड में रखने के उद्देश्य से लागू की गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन तुरंत मदद पहुंचा सकेगा।

विदेशी श्रद्धालुओं के लिए खास व्यवस्था

– पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं।

– भारतीय श्रद्धालु अपने आधार कार्ड की मदद से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जिससे उनकी पहचान और विवरण तुरंत सत्यापित हो सकेगा।

– विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए E-mail ID के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।

– प्रशासन का कहना है कि इस डिजिटल प्रक्रिया से यात्रियों की संख्या का सही अनुमान लगाया जा सकेगा और यात्रा मार्गों पर भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध

अगर श्रद्धालु किसी कारणवश ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाते, उनके लिए ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यह प्रक्रिया यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले 17 अप्रैल से शुरू होगी। इसके लिए ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान और विकासनगर में विशेष पंजीकरण काउंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर श्रद्धालु अपने दस्तावेजों के साथ पहुंचकर आसानी से रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।

हेल्पलाइन नंबर जारी

यात्रियों की सुविधा और जानकारी के लिए पर्यटन विभाग ने एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 जारी कर दिया है। यह नंबर 24 घंटे चालू रहेगा। जहां कॉल करके श्रद्धालु यात्रा से जुड़ी जानकारी, पंजीकरण प्रक्रिया या अन्य जरूरी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने जानकारी देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।

जानें किस धाम के कपाट कब खुलेंगे

आपको बता दें कि उत्तराखंड पर्यटन विभाग इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल, 2026 से करने जा रहा है। इसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल, 2026 को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलें जाएंगे। इन तिथियों के साथ ही पवित्र चारधाम यात्रा का आधिकारिक रूप से शुभारंभ होगा और हजारों श्रद्धालु हिमालय की गोद में स्थित इन पवित्र धामों के दर्शन के लिए रवाना होंगे।

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