यूपी में लूट के 3-घंटे बाद बदमाश ढेर
यूपी के शामली में दिल्ली का 50 हजार का इनामी बदमाश रिहान एनकाउंटर में मारा गया। मुठभेड़ से 3 घंटे पहले रिहान ने अपने साथी के साथ एक युवक से नकदी और मोबाइल फोन लूट लिए थे। इसके बाद पुलिस ने पूरे जिले में चेकिंग अभियान चलाया।
रात 12:30 बजे दोनों बदमाशों को घेर लिया गया। पुलिस ने सरेंडर करने को कहा, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग कर दी। इसमें सिपाही सुमित को गोली लग गई। इसके बाद जवानों ने फायरिंग की। इस दौरान रिहान को गोली लग गई। वह जमीन पर गिर पड़ा। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
एनकाउंटर के बाद पुलिस रिहान को अस्पताल लेकर आई। जहां उसकी इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वह दिल्ली के जाकिर नगर, न्यू ओखला का रहने वाला था। उस पर 90 मुकदमे दर्ज थे। उसके पास से एक मेड इन इटली पिस्तौल, एक देसी पिस्तौल, आठ जिंदा कारतूस और सोने की अंगूठी मिली है। मुठभेड़ कोतवाली क्षेत्र के यमुना नहर के पास हुई। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि गुरुवार रात नौ बजे बाबरी क्षेत्र में रिहान ने अपने साथी के साथ लूट की थी। बदमाशों ने बाइक से जा रहे फतेहपुर निवासी राहुल को रोका। उससे नकदी और मोबाइल फोन लूट लिया और इसके बाद फरार हो गए।
राहुल ने किसी तरह इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पूरे जिले की पुलिस को अलर्ट किया गया। जगह-जगह चेकिंग अभियान शुरू किया गया। रात 12:30 बजे कोतवाली पुलिस और आदर्श मंडी पुलिस पूर्वी यमुना नहर पर बदमाशों की तलाश कर रही थी, तभी दोनों बदमाश बाइक से आते दिखाई दिए।
पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके, बल्कि यू-टर्न लेकर भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने पीछा किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। इसमें सिपाही सुमित को गोली लग गई। इसके बाद जवानों ने फायरिंग की। बदमाश रिहान गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। सिपाही और बदमाश को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने बदमाश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस और बदमाशों के बीच करीब 30 से 35 मिनट तक मुठभेड़ चली।
रिहान दिल्ली, यूपी और हरियाणा में महिलाओं से चेन लूटने की घटनाओं को अंजाम देता था। रिहान पर सबसे अधिक 49 मुकदमे दिल्ली में और गाजियाबाद में 28 मुकदमे दर्ज थे। शामली, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर में भी लूट, चोरी और जानलेवा हमले के मुकदमे दर्ज थे।
इससे पहले योगी ने मंगलवार को यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के उद्घाटन के दौरान कहा था कि 2012 से 2017 के बीच यूपी में 900 से ज्यादा दंगे हुए। ऐसे वक्त पर मुझे दायित्व सौंपा गया। हमने तय किया- जीरो टॉलरेंस। बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। अगर पुलिस गोली न मारे तो क्या खाए। अगर उस अपराधी के पास गोली चलाने की आजादी है तो हमने भी पुलिस को पिस्तौल दी है।

