देवरिया : पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने जेल में अनशन शुरू किया
देवरिया में धोखाधड़ी के एक मामले में देवरिया जिला कारागार में निरुद्ध पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने शुक्रवार से अनशन शुरू कर दिया है। उनका अनशन प्रशासन द्वारा गिरफ्तारी से जुड़े सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध न कराए जाने के विरोध में बताया जा रहा है।
शुक्रवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। बहस सुनने के बाद न्यायालय ने मामले के विवेचक को सभी पत्रावलियों और जांच रिपोर्ट के साथ तलब किया है। अब इस मामले में शनिवार को पुनः सुनवाई होगी।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर देवरिया में दर्ज धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में जिला कारागार में बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि शाहजहांपुर में ट्रेन के अंदर उनकी गिरफ्तारी के दौरान लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज उपलब्ध कराने की मांग उन्होंने प्रशासन से की थी, लेकिन अब तक वह फुटेज उन्हें नहीं दिया गया।
इसी को लेकर नाराजगी जताते हुए उन्होंने शुक्रवार से जेल में अनशन शुरू कर दिया। अनशन की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और जिला प्रशासन में हलचल मच गई है, वहीं उनके स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जा रही है।
कड़ी सुरक्षा में सीजेएम कोर्ट में पेशी
शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए अमिताभ ठाकुर को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पेशी के दौरान उनके अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने न्यायालय में विस्तार से पक्ष रखा। अधिवक्ता ने दलील दी कि यह मामला वर्ष 1999 से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, लेकिन इतने वर्षों के बाद भी जांच एजेंसियां कोई ठोस साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाई हैं।
1999 से जांच, साक्ष्य का अभाव: बचाव पक्ष
अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने कहा कि लंबे समय से मामले की जांच चल रही है, लेकिन न तो स्पष्ट जांच रिपोर्ट सामने आई है और न ही ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, जिनसे अभियोजन का मामला मजबूत हो। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अभियुक्त के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है और बिना पर्याप्त साक्ष्य के उन्हें जेल में निरुद्ध रखा गया है। इसी आधार पर जमानत दिए जाने की मांग की गई।

