महा शिवरात्रि का व्रत, जानें व्रत और पूजा विधि
देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा दिन महा शिवरात्रि का दिन होता है.इस दिन भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न कर लोग अपनी सभी मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं.मिथिला पंचांग के अनुसार इस बार का शिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी दिन रविवार को मनाया जायेगा.
वही पूर्णिया के पंडित मनोत्पल झा कहते हैं कि इस बार का शिवरात्रि 15 फरवरी 2026 दिन रविवार को मनाया जाएगा.हालांकि उन्होंने कहा कि 15 फरवरी 2026 दिन रविवार इसमें त्रयोदशी का प्रवेश मिथिला पंचांग के अनुसार 3:54 मिनट के बाद जिसके बाद चतुर्थी का प्रारंभ होगा.और जो व्रती उपवास करेंगी उसका व्रत भी इसी दिन होगा.वह 15 तारीख को उपवास होगा जबकि विवाह त्रयोदशी उपरांत चतुर्थी तिथि को होगा. इसलिए महादेव का विवाह 15 तारीख को होगा और महिलाएं भी इसी दिन शिवरात्रि का व्रत करेंगी.
इस दिन मनाया जायेगा महा शिवरात्रि का व्रत
यह शिवरात्रि व्रत बहुत ही अलौकिक व्रत का पूजा माना जाता है.जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा आराधना की जाती है. यह बहुत दुर्लभ समय होता है इसलिए हम इंसानों के लिए बहुत कठिन तपस्या से यह दिन प्राप्त हुआ है. जबकि उन्होंने कहा कि जब सृष्टि का अंत होने वाला था तब सभी देवी देवताओं ने भगवान शिव को जागृत किया और उन्हें जगाया और फिर नई ऊर्जा के साथ मानव जीवन के बीच है.जिसमें माता पार्वती के साथ विवाह की परंपरा भी इस दिन ही निभाई जाती है जो कि संसार के लिए लाभकारी जाता है.
वही उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन कोई भी व्यक्ति सुबह स्नान ध्यान कर महादेव की पूजा अर्चना करें तो निश्चित तौर पर उनकी सभी मनोकामना पूरी होती है. वही इस दिन कई लोग दिन में फलाहार व्रत रखते हैं और महादेव से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.जबकि उन्होंने कहा कि यह दिन हम सनातनी के लिए बहुत खास दिन होता है. हालांकि उन्होंने कहा आप श्रद्धा पूर्वक महादेव का पूजा कर व्रत करे. जबकि उन्होंने कहा कि व्रत रखने वाले व्रती अगले दिन सूर्योदय के बाद पूजा पाठ कर गंगाजल से पारण करें. जिससे आपके जीवन की सभी मुश्किल दूर होगा.

