घर बैठे करें सरसों तेल की शुद्धता की पहचान
-सरसों का तेल असली है या नकली, इसे जानने के लिए आप पेपर पर कुछ बूंदें डालें. जब पेपर पर गहरा पीला रंग छोड़े तो समझ लें तेल में मिलावट की गई है. कुछ बूंद तेल को हथेली पर डालकर रगड़ें. यदि हथेलियों पर रगड़ने से रंग ना छूटे, चिकनाई बनी रहे और तीखी गंध आए तो समझ लें तेल असली और शुद्ध है. रंग छोड़ दे तो तेल नकली है.
आप फ्रिज में भी सरसों तेल के शुद्ध-अशुद्ध होने की पहचान कर सकते हैं. थोड़ा सा सरसों का तेल एक बाउल में डालें और इसे फ्रीजर में रख दें. असली होगा तो इसमें वाइट रंग के धब्बे नहीं बनेंगे और ना ही जमेगा. ये लिक्विड फॉर्म में ही रहेगा. नकली होगा तो तेल जम जाएगा, सफेद धब्बे भी पड़ जाएंगे. इसका मतलब ये है कि सरसों के तेल में पाम ऑयल की मिलावट की गई है. सरसों का तेल आधा छोटा चम्मच एक टेस्ट ट्यूब में डालें. अब इसमें कुछ बूंदें नाइट्रिक एसिड की डालें. इसे धीरे-धीरे हिलाएं. अब इस मिश्रण को दो मिनट के लिए गर्म करें. तेल का रंग गर्म करते ही लाल हो जाए तो समझ लें कि तेल में मिलावट किया गया है.
सरसों का तेल आधा छोटा चम्मच एक टेस्ट ट्यूब में डालें. अब इसमें कुछ बूंदें नाइट्रिक एसिड की डालें. इसे धीरे-धीरे हिलाएं. अब इस मिश्रण को दो मिनट के लिए गर्म करें. तेल का रंग गर्म करते ही लाल हो जाए तो समझ लें कि तेल में मिलावट किया गया है.
रंग से भी जान सकते हैं कि तेल शुद्ध है या अशुद्ध. सरसों के तेल का रंग काफी गाढ़ा होता है. रंग अगर बेहद हल्का पीला है तो ये अशुद्ध तेल हो सकता है.
सूंघ कर इसकी खुशबू से पहचान सकते हैं कि तेल असली है या नकली. सरसों के तेल को स्मेल करने से नाक में जलन होगी, तीखी लगेगी, ऐसा महसूस ना हो तो समझ लें कि तेल में मिलावट है. अशुद्ध है तेल. सरसों तेल में किस चीज की मिलावट की जाती है- आमतौर पर सरसों के तेल में राइस ब्रान तेल, घटिया किस्म का पाम ऑयल अधिक मिलाया जाता है, जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं.

