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यूपी के टोल प्लाजा पर 50 करोड़ की अवैध वसूली

यूपी के जिला सहारनपुर में पुलिस-प्रशासन की टीम ने 9 जनवरी को टोल प्लाजा मालिक समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया। इस टोल प्लाजा पर सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से जबरन टोल टैक्स वसूला जा रहा था।

SP सागर जैन ने कहा- एक साल में करीब 50 करोड़ रुपए की टोल वसूली अवैध तरीके से कर ली गई, ऐसा अनुमान है। बाकी हम 5 साल का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं, उससे चीजें और क्लियर होंगी। टोल प्लाजा के मालिक कमलजीत प्रधान समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। नकुड़ विधानसभा सीट से टिकट मांगने की दौड़ में हैं। सपा नेता सीधे तौर पर आरोप लगा रहे हैं कि मौजूदा BJP विधायक मुकेश चौधरी ने सपा नेता को पकड़वाया है, जिससे उनका पॉलिटिकल फ्यूचर बना रहे। सहारनपुर DM मनीष बंसल को पिछले दिनों सूचना मिली कि सरसावा टोल प्लाजा पर हर ट्रैक्टर-ट्रॉली से 130 रुपए वसूले जा रहे हैं। जबकि हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से टोल वसूली का कोई नियम ही नहीं। DM ने एक टीम बनाई और 9 जनवरी को छापेमारी कराई। इसमें शिकायत सही मिली।

मामले में टोल प्लाजा मालिक कमलजीत प्रधान, टोल मैनेजर कालू सिंह राणावत, टोल-कर्मी अक्षय कुमार और सागर की गिरफ्तारी हुई। इनसे एक रसीद बुक, 8 कटी हुई रसीदें और 3 पर्चियां मिलीं, जिन पर वसूली का विवरण लिखा था। क्षेत्रीय लेखपाल रामप्रसाद गुप्ता ने थाना सरसावा में FIR कराई। 12 जनवरी को सहारनपुर की सिविल कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। वसूली का खेल समझने के लिए हमने सहारनपुर के SP (ग्रामीण) सागर जैन से फोन पर बात की। उन्होंने बताया- हर ट्रैक्टर-ट्रॉली से 130 रुपए वसूले जा रहे थे। इसके लिए टोल प्लाजा संचालक ने अपने स्तर पर फर्जी रसीदें छपवा रखी थीं, जो किसानों को पैसे लेकर दी जाती थीं। शुरुआती पूछताछ में टोल प्लाजा मालिक कमलजीत ने करीब एक साल से वसूली होने की जानकारी दी है।

एक अनुमान के मुताबिक, करीब 50 करोड़ रुपए की अवैध वसूली हो चुकी थी। हम टोल प्लाजा का 5 साल का डेटा खंगाल रहे हैं। सभी डॉक्यूमेंट्स की छानबीन की जा रही है। अभी तक की जानकारी में पता चला है कि पिछले साल भी कमलजीत प्रधान के पास ही टोल संचालन का जिम्मा था। इस पूरे केस की बारीकी से जांच चल रही है। जांच में कुछ और युवकों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।

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