इंफ्लुएंसर बनने के लिए छोड़ दी गूगल की 2 करोड़ वाली नौकरी
नई दिल्ली (Bengaluru Techie Quits Google Job). आप नौकरी छोड़ने का रिस्क कब लेते हैं? ज्यादातर लोग कहेंगे कि जब हाथ में मौजूदा नौकरी से बेहतर ऑफर हो या कोई सॉलिड बैकअप प्लान. लेकिन हैदराबाद के गूगल ऑफिस में काम करने वाली श्रीगीता श्रीनिवास ने किसी और ही वजह से नौकरी छोड़ दी. गूगल में 2 करोड़ सालाना के पैकेज पर कार्यरत श्रीगीता श्रीनिवास को इंफ्लुएंसर बनने का ऐसा चस्का चढ़ा कि उसके लिए उन्होंने इतनी बढ़िया नौकरी छोड़ दी.
श्रीगीता श्रीनिवास ने वह कर दिखाया, जिसके बारे में सोचना भी हैरतअंगेज सपने जैसा है. गूगल में नौकरी के लिए इंजीनियर एड़ी-चोटी का जोर लगा देते हैं. वहीं श्रीगीता श्रीनिवास ने कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में अपना परचम लहराने के लिए गूगल में 2 करोड़ सालाना वाली नौकरी छोड़ दी. वह आयरलैंड के गूगल ऑफिस में भी काम कर चुकी हैं. उन्होंने अपना फोकस 100k फॉलोअर्स के लक्ष्य पर टिका दिया है. लोग हैरान हैं कि आखिर कोई ₹2 करोड़ की गोल्डन जॉब को कंटेंट के जुनून के लिए कैसे कुर्बान कर सकता है.
कोडिंग vs क्रिएटिविटी की जंग
गूगल में सीनियर पोजिशन पर काम करना श्रीगीता श्रीनिवास के लिए करियर का शिखर था. मोटा बैंक बैलेंस और दुनिया की सबसे बेहतरीन सुविधाएं उनके पास थीं, लेकिन उनके अंदर कुछ और ही पक रहा था. उन्हें महसूस हुआ कि कोडिंग के लूप और मीटिंग्स के बीच उनकी असली क्रिएटिविटी कहीं दब रही है. श्रीगीता ने तय किया कि असली संतुष्टि उन्हें लोगों से सीधे जुड़ने और अपनी कहानियां शेयर करने में मिलेगी. इसीलिए उन्होंने फुल टाइम कंटेंट क्रिएशन करने का फैसला लिया.
अक्सर लोग जॉब छोड़ने से पहले बैकअप प्लान ढूंढते हैं. ठीक वैसे ही श्रीगीता श्रीनिवास का प्लान भी बिल्कुल स्पष्ट है- कंटेंट की दुनिया की नई पहचान बनना. उन्होंने अपना पूरा ध्यान अब डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया पर फोकस कर दिया है. श्रीगीता का लक्ष्य है कि वह जल्द से जल्द 1 लाख (100k) फॉलोअर्स की कम्युनिटी तैयार करें. उनका मानना है कि आज के दौर में ‘पर्सनल ब्रांड’ किसी भी फिक्स्ड सैलरी से कहीं ज्यादा ताकतवर है.
श्रीगीता श्रीनिवास का मानना है कि जिंदगी जीने के लिए पैसा जरूरी है, लेकिन वह आपकी आजादी और मानसिक खुशी की कीमत पर नहीं होना चाहिए. कोडिंग की दुनिया से बाहर भी एक दुनिया है जहां आप अपनी शर्तों पर जी सकते हैं. कंटेंट क्रिएशन उन्हें वह क्रिएटिव फ्रीडम देता है जो 9-to-5 की कॉर्पोरेट नौकरी कभी नहीं दे सकती. उनकी यह कहानी उन सभी के लिए बड़ी मिसाल है, जो अपने सपनों के लिए कंफर्ट जोन छोड़ने का दम रखते हैं.

