सिपाही ने विश्वनाथ मंदिर में बटुक को पीटा, बाल खींचे, थप्पड़ जड़े
काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में पुलिस ने एक बटुक को पीट दिया। सिपाही ने ताबड़तोड़ तीन थप्पड़ जड़े। फिर दरोगा ने उसके बाल खींचे और धक्का देकर बैरिकेडिंग के पीछे कर दिया।
बटुक ने किसी तरह खुद को संभाला, लेकिन इसके बाद उसे लाइन में लगने नहीं दिया। यानी बिना दर्शन के ही बटुक को लौटा दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बटुक के साथियों के साथ भी बदसलूकी की। इस दौरान लाइन में खड़ी महिला श्रद्धालुओं से भी धक्का-मुक्की हुई।
शुक्रवार को रंगभरी एकादशी पर शिव भगवान, माता पार्वती के साथ पालकी में सवार होकर मंदिर के गर्भगृह पहुंचे। पालकी जाने के बाद पुलिस ने बटुकों को बाहर रोक दिया।
इसे लेकर बटुकों की पुलिस से कहासुनी हो गई। पुलिसकर्मियों ने गुस्से में बटुक के साथ मारपीट कर दी। एक महिला पत्रकार से भी बदसलूकी की बात सामने आई है।
परंपरा के मुताबिक, गुरुवार को बाबा पालकी पर सवार होकर मंदिर से 500 मीटर दूर महंत आवास गौना कराने गए। शुक्रवार को बाबा गौना कराकर लौटे। इस दौरान बाबा और माता की पालकी शहर के प्रमुख स्थानों से होकर गुजरी। इसमें 2 लाख से ज्यादा भक्त शामिल हुए।
भक्त होली खेलते और जयकारे लगाते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह पहुंचे। बाबा की पालकी अंदर गई और वहां रंग खेले गए। पालकी जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने बाहर भक्तों को गंगा द्वार पर ही रोक लिया।
भक्त अंदर जाना चाह रहे थे, जिससे पुलिस से कहासुनी हो गई। इसी दौरान एक सिपाही ने बटुक का मुंह नोचा और फिर थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। सिपाही ने ताबड़तोड़ तीन थप्पड़ मारे, इसके बाद दरोगा ने उसके बाल नोचे, फिर लाइन से खींचकर बाहर निकाल दिया। घंटों कतार में लगने के बावजूद उसे प्रवेश नहीं मिल सका।
महिला पत्रकार से बदसलूकी, साथी से हाथापाई रंगभरी एकादशी के कार्यक्रम कवरेज के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ भी कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4 पर ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने पत्रकार से बदसलूकी की। बीच-बचाव करने पहुंचे दूसरे पत्रकार को भी पुलिसकर्मियों ने थप्पड़ मारकर भगा दिया और गालियां दीं।
डीसीपी गौरव बंसवाल ने कहा- जिन-जिन पत्रकारों के पास आई-कार्ड था, उन सभी को रंगभरी एकादशी कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी। सभी को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी के साथ बदतमीजी न की जाए। अगर बटुक के साथ ऐसा कोई मामला संज्ञान में आता है। किसी की गलती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

