FASTag Annual Pass स्कीम के पहले दिन ही झटका! किसी का नहीं खुल रहा App
FASTag Annual Pass: 15 अगस्त से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई ने तीन हजार रुपये की एनुअल टोल पास स्कीम शुरू की है. इस स्कीम का लोगों को बेसब्री से इंतजार था, क्योंकि सरकार का कहना है कि ये निजी गाड़ियों वालों के लिए टोल पेमेंट को आसान और सस्ता कर देगी. मगर पहले ही दिन इस स्कीम में कई दिक्कतें सामने आ गईं.
लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानियां बताई. किसी का कहना था कि उनके 2-3 हजार रुपये कट गए, लेकिन पास एक्टिवेट ही नहीं हुआ. किसी ने बताया कि रिचार्ज के बाद भी उनकी गाड़ी से महंगा टोल काट लिया गया. कुछ लोग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर मदद मांगने की कोशिश में जुटे, मगर नंबर व्यस्त रहा. कई लोगों ने शिकायत की कि स्कीम को एक्टिवेट करने वाला राजमार्ग यात्रा ऐप ही नहीं खुला. ऐसा लगा जैसे इस स्कीम को जल्दबाजी में लॉन्च कर दिया गया और पूरी तैयारी नहीं थी.
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आधी-अधूरी तैयारी के साथ ही इस स्कीम को लॉन्च करने की बात कही है. कई यूजर्स ने अपनी परेशानी बताते हुए पोस्ट किया है कि उनकेवाहनके लिए फास्टैग एनुअल पास खरीदने के बाद ऑर्डर पेमेंट पूरा दिखा रहा है लेकिन फिर भी उन्हें इसे फिर से एक्टिव करने के ऑप्शन मिल रहे हैं और ऑर्डर हिस्ट्री में उनका पास भी नहीं दिख रहा है. वहीं, कुछ यूजर्स का कहना है कि उन्हें ये मैसेज बार-बार स्क्रीन पर शो हो रहा. इसमें लिखा है ‘अनुरोधित वाहन VAHAN में उपलब्ध नहीं है. वाहन पंजीकृत है, लेकिन अभी भी दिखाई नहीं दे रहा है.’
वहीं, एनएचएआई का कहना है कि रिचार्ज करने के दो घंटे बाद पास एक्टिवेट हो जाएगा, मगर कई लोगों को इससे ज्यादा समय लगने की शिकायत है. हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करने पर बार बार-बार कोशिश करने पर भी सिर्फ कंप्यूटर की आवाज सुनाई दी कि नंबर व्यस्त है. लोगों का कहना है कि एनएचएआई को स्कीम लॉन्च करने से पहले शिकायतों के लिए बेहतर सिस्टम बनाना चाहिए था.
200 टोल प्लाजा क्रॉस करने की सुविधा
इस स्कीम के तहत निजी गाड़ी वालों को सिर्फ तीन हजार रुपये में पूरे साल के लिए 200 टोल प्लाजा क्रॉस करने की सुविधा मिलनी है. अगर 200 टोल एक साल से पहले पार हो जाएं, तो आप दोबारा रिचार्ज कर सकते हैं. इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए आपको राजमार्ग यात्रा ऐप या एनएचएआई की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके लिए आपको अपनी गाड़ी का नंबर और फास्टैग आईडी डालनी होगी. फिर तीन हजार रुपये का ऑनलाइन पेमेंट करना होगा. ये पास सिर्फ निजी गाड़ियों जैसे कार, जीप और वैन के लिए है. अगर कोई कमर्शियल गाड़ी वाला इसका इस्तेमाल करेगा, तो उसका फास्टैग ब्लैक लिस्ट हो सकता है. इस स्कीम को ई-परिवहन और वाहन सिस्टम से जोड़ा गया है, ताकि गाड़ी का टाइप पता चल सके. ये पास सिर्फ एनएचएआई के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर काम करेगा.
केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि 14 अगस्त की रात से ही इस स्कीम का लिंक एक्टिव हो गया था. 15 अगस्त तक करीब एक लाख लोगों ने इसके लिए रजिस्टर किया. आने वाले दिनों में ये संख्या और बढ़ेगी.