सीतापुर : मौत से पहले युवक का VIDEO, बोला- दरोगा ने पीटा
सीतापुर में दरोगा की पिटाई से युवक की मौत हो गई। युवक ने मरने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इसमें उसने कहा- दरोगा ने मुझे बेरहमी से पीटा है। मेरा कोई कसूर नहीं है। युवक मंगलवार की रात अपनी दुकान के बाहर सो रहा था। दरोगा ने उसे चोर समझकर पिटाई की थी।
युवक की मौत से गुस्साए परिजनों और गांव वालों ने आज सुबह सड़क पर जाम दिया। दरोगा पर कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। एसपी समेत दो थानों का फोर्स मौके पर मौजूद है। युवक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया है। घटना सिधौली थाना क्षेत्र की है।
सिधौली के जसवंतपुर का रहने वाला सत्यपाल (26) पुत्र सोहबरन सिंह अपनी दुकान के बाहर सो रहा था। मंगलवार रात करीब 1 बजे दरोगा मणिकांत श्रीवास्तव अपनी गाड़ी से राउंड पर निकले। उनके साथ 5-6 पुलिसकर्मी और थे।
उन्होंने सत्यपाल को जगाकर उससे नाम पूछा। पूछताछ के बाद दरोगा ने बेरहमी से सत्यपाल को पीटा। वह बेहोश हो गया तो छोड़कर चले गए। परिजन सत्यपाल को आनन-फानन में अस्पताल ले गए, जहां सुबह उसकी मौत हो गई। युवक का मरने से पहले का वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने दरोगा पर पीटने का आरोप लगाया है।
गुस्साए घर वालों ने सड़क पर जाम लगा दिया है। एसपी अंकुर अग्रवाल, एडिशनल एसपी उत्तरी आलोक सिंह, सीओ सिधौली कपूर कुमार समेत दो थानों का फोर्स मौके पर है। पुलिस परिजनों को समझाने की कोशिश कर रही, लेकिन घर वाले कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
युवक ने मौत से पहले जो कहा, वो पढ़िए युवक सत्यपाल का मौत से पहले घायल हालत में एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह बता रहा है- कोतवाली की गाड़ी आई थी। उससे उतरे दरोगा ने मेरा नाम पूछा। नाम बताने पर उसने मुझे 4-5 झापड़ मारे। इसके बाद बेरहमी से पीटा। सीने पर लातों से वार किया और फेंक दिया। हमारी गर्दन घूम गई और हम गिर गए।
भाई छोटू ने बताया कि जाफरीपुर में हमारी 3-4 दुकानें हैं। घर पर मैं और पिता रहते हैं। मां की मौत हो चुकी है। मेरा बड़े भाई रक्षाबंधन पर घर आए थे। वह ड्राइवर का काम करते थे। गांव में कम ही रहते थे। कल रात वह दुकान के बाहर सो रहे थे। इसी समय दरोगा जी गाड़ी से राउंड पर आए और भाई को बेरहमी से पीटा। उन्हें 10 फीट ऊंचाई से फेंक दिया।
जब भाई बेहोश हो गया तो गांव वालों को बुलाकर पूछा कि ये कौन है। गांव वालों ने बताया कि ये तो सोहबरन सिंह का लड़का है। इसके बाद पुलिस वाले बेहोशी की हालत में भाई को छोड़कर चले गए। अभी हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। हमारा भाई बहुत रो रहा था। वह बोल नहीं पा रहा था।
चचेरे भाई अमित ने बताया कि हमारे चाचा का लड़का परचून की दुकान के बाहर लेटा था। मणिकांत दरोगा साहब आए और पूछताछ की। वो बस आए और मारने लगे। ऐसा मारा है कि भाई काउंटर पर था, वहां से नीचे गिरा। इसके बाद वह पत्थर पर लेट गया, वहां से 7 फीट नीचे फेंक दिया। उससे पूछा यहां क्यूं लेटे हो तो उसने अपना नाम बताया और कहा ये हमारी दुकाने हैं। इतना बोलते ही उन्होंने उसे और पीटा। एक परिजन ने बताया कि महीने भर पहले एक चोरी हुई थी। सत्यपाल गाड़ी चलाता है तो वह गांव कम ही आता है। अभी रक्षाबंधन पर वह घर आया था। इसीलिए उन्हें लगा ये चोर है। दरोगा जी ने कहा कि हम तुम्हें तो जानते नहीं हैं। उसने बताया कि हम तो गाड़ी चलाते हैं। पीटने के बाद जब बेहोश हो गया तब दरोगा जी ने बाबा जी को बुलाया। उनके बताने पर सत्यपाल को बेहोशी की हालत में छोड़कर वो लोग चले गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की पूरी जांच कराई जाएगी। युवक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजन आरोपी दरोगा मणिकांत श्रीवास्तव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को कार्रवाई से पहले पूरी जांच करनी चाहिए थी।