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लखनऊ : 3 बच्चों पर कार चढ़ाने की घटना, घसीटते हुए घर में घुसी SUV

लखनऊ में 3 बच्चों के ऊपर कार चढ़ाने की घटना का CCTV फुटेज सामने आया है। जिसमें दिख रहा है कि गली में तीन बच्चे साइकिल लेकर खड़े होकर बात कर रहे हैं। बगल की गली से जा रही कार अचानक इनकी गली में मुड़ती है। कार की स्पीड बढ़ जाती है। दो बच्चे कार की चपेट में आ जाते हैं।

एक बच्चा कार के दाहिने टायर से दब जाता है। दूसरा बच्चा कार की टक्कर से उछलकर सामने की दीवार से टकरा जाता है। कार के नीचे दबा बच्चा कार हटने पर उठकर लंगड़ाते हुए अंदर जाता है।

बच्चे कि पसलियों में जबरदस्त चोट आ गई थी। 3 दिन तक आईसीयू में भर्ती रहा। बच्चे के घरवाले पहले इसे एक दुर्घटना मान रहे थे, लेकिन जब CCTV फुटेज देखा तो उन्हें लगा कि यह जानबूझकर किया गया। जब इसकी शिकायत पुलिस से करने पर कार चढ़ाने वाले युवक और उसके पिता ने घर बुलाकर धमकी दी। बच्चों कार चढ़ाने वाला आरोपी पड़ोसी है। पुलिस ने घटना के 8 दिन बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है।

लखनऊ के आशियाना इलाके में पड़ोसी साढ़े पांच साल के बच्चे को कार से कुचल दिया। हादसे में बच्चे को गंभीर चोट आई है। तीन दिन तक आईसीयू में रहने के बाद बच्चा अपने घर आ गया। हालांकि, घटना के 8 दिन बीतने के बाद पुलिस को मामले की गंभीरता समझ आई और मुकदमा दर्ज किया गया। इसके पहले बच्चे के दादा थाने के चक्कर काट रहे थे।

सेक्टर-आई आशियाना निवासी हरिद्वार पांडेय स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड हैं। अपने बेटे अंकित और बहू के साथ रहते हैं। अंकित कैनरा बैंक में कार्यरत हैं। हरिद्वार पांडेय ने बताया कि 10 अगस्त को पोता शौविक पांडेय अपने घर के बाहर खड़ा था। उसके साथ पड़ोसी विनय उपाध्याय का बेटा कुशल सौमिल भी मौजूद था।

इसी दौरान सामने रहने वाले सीएल वर्मा का बेटा शिवांश वर्मा तेज रफ्तार कार लाया। शौविक को जान से मारने की नीयत से उस पर कार चढ़ा दी। घटना के वक्त सीएल वर्मा भी गाड़ी में बैठे थे। गाड़ी की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुशल छिटककर दीवार से टकरा गया, जबकि शौविक गेट के अंदर आकर गिरा। घर का गेट टूट गया। हादसे में शौविक की कॉलर बोन और पसलियां टूट गईं।

हरिद्वार पांडेय तुरंत घायल पोते शौविक को लेकर अपोलो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचे। वहां उसका गंभीर हालत में इलाज शुरू हुआ। करीब तीन दिन तक वह ICU में रहा। इसके बाद डिस्चार्ज होकर घर आ गया। हरिद्वार पांडेय का कहना है कि इस दौरान सीएल वर्मा और उनका बेटा हालचाल तक लेने नहीं आए। एक बार भी अस्पताल नहीं पहुंचे।

घटना के बाद सीएल वर्मा ने बच्चे की गलती बताते हुए कहा कि साइकिल बीच में आ गई। इसी वजह से संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया। घर के बाहर कोई नहीं होने की वजह से परिवार शुरुआत में इसे सामान्य एक्सीडेंट मान रहा था। लेकिन, जब CCTV फुटेज देखी गई तो साफ हुआ कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई वारदात थी।

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