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नोएडा में आ गया निवेश का बड़ा मौका! उद्योग से अस्पताल और होटल तक

Noida Property: दिल्ली से सटा होने के कारण नोएडा तेजी से विकसित हो रहा है. अभी हाल फिलहाल में नोएडा में एयरपोर्ट से लेकर कई विकास कार्यो ने नया रूप लिया है. इसी के चलते औद्योगिक और संस्थागत निवेश को नई गति देने की तैयारी तेज हो गई है. कारोबार, स्वास्थ्य सेवाओं, एजुकेशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के विस्तार को ध्यान में रखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने विभिन्न श्रेणियों की जमीन योजनाएं एक साथ लॉन्च की है. आवेदन की प्रक्रिया 19 मई से शुरू होगी. जिसके तहत उद्योग, अस्पताल, नर्सिंग होम, कॉर्पोरेट दफ्तर और कमर्शियल परियोजनाओं के लिए प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे.

नोएडा प्राधिकरण ने शहर में उद्योग और कमर्शियल निर्माणों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई नई भूमि योजनाएं जारी की है. इन योजनाओं के तहत औद्योगिक, संस्थागत और कमर्शियल उपयोग के लिए अलग-अलग सेक्टरों में प्लॉट उपलब्ध होंगे. इसके लिये आवेदन की प्रक्रिया 19 मई से शुरू होगी, जबकि ईएमडी जमा करने की अंतिम तिथि 9 जून शाम 5 बजे तय की गई है. इच्छुक आवेदक 11 जून तक आवेदन कर सकेंगे. इसके बाद ई-नीलामी और चयन प्रक्रिया के जरिए प्लॉटों का आवंटन किया जाएगा.

प्राधिकरण के अनुसार औद्योगिक श्रेणी में ऐसे प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे जहां विनिर्माण और प्रोसेसिंग यूनिटें स्थापित की जा सकेंगी. इस योजना में कुल 19 कमर्शियल प्लॉट शामिल हैं. जिनका आकार 115 वर्ग मीटर से लगभग 7,997 वर्ग मीटर तक है. ये प्लॉट सेक्टर-3, 6, 7, 9, 10, एचसी, सेक्टर-80, 162, 164, फेज-2 और सेक्टर-67 समेत अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित हैं. इनकी आरक्षित कीमत लगभग 65 लाख रुपये से शुरू होकर 18 करोड़ रुपये तक तय की गई है. संस्थागत श्रेणी में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है. स्कूलों के लिए दो बड़े प्लॉट चिन्हित किए गए है. सेक्टर-19 में लगभग 18,000 वर्ग मीटर का भूखंड उपलब्ध कराया गया है. जिसकी आरक्षित कीमत करीब 143 करोड़ रुपये रखी गई है. वहीं, सेक्टर-42 में लगभग 5,000 वर्ग मीटर के प्लॉट की आरक्षित कीमत करीब 21 करोड़ रुपये तय की गई है. इन दोनों प्लॉटों का आवंटन साक्षात्कार प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा.

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सेक्टर-117 और सेक्टर-145 में अस्पतालों हेतु लगभग 10,000 वर्ग मीटर के प्लॉट प्रस्तावित किए गए है. इनका आवंटन भी साक्षात्कार के माध्यम से होगा. नर्सिंग होम के लिए सेक्टर-41 और सेक्टर-47 में करीब 1,000-1,000 वर्ग मीटर के दो भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे. जिनका आवंटन ई-नीलामी के जरिए किया जाएगा. कॉर्पोरेट उपयोग के लिए भी दो प्लॉट इस योजना में शामिल किए गए है.

व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्राधिकरण ने बड़े कमर्शियल बिल्डर प्लॉट भी बाजार में उतारे है. सेक्टर-18, सेक्टर-96 और सेक्टर-93बी में 20,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले तीन बड़े प्लॉट उपलब्ध होंगे. जहां होटल जैसी बड़ी परियोजनाएं विकसित की जा सकेंगी. इनका आकार लगभग 29,000 से 37,000 वर्ग मीटर के बीच है. इसके अलावा सेक्टर-18 और सेक्टर-94 में 20,000 वर्ग मीटर से छोटे दो अतिरिक्त प्लॉट भी योजना में शामिल किए गए है.

होटल उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए सेक्टर-71, सेक्टर-124 और सेक्टर-142 में भी तीन प्लॉट रखे गए है. इनका आकार लगभग 7,500 से 12,570 वर्ग मीटर के बीच है और इनका आवंटन ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा. प्राधिकरण को उम्मीद है कि इन योजनाओं से शहर में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे

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