भांजे का किडनैप कर मांगी ₹10 लाख फिरौती
हरियाणा की रोहतक पुलिस ने उत्तर प्रदेश से किडनैप हुए एक बच्चे को बरामद कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। किडनैपिंग की यह साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि उसके सगे मामा ने ही रची थी। अरेस्ट आरोपियों में मामा भी शामिल है, जिसने जीजा से बच्चे को छोड़ने के नाम पर परिवार से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।
मामा यूपी का ही रहने वाला है, जबकि दोनों अन्य आरोपी रोहतक और सोनीपत के रहने वाले हैं। तीनों ने बच्चे को किडनैप कर रोहतक में एक होटल में रखा हुआ था। यूपी पुलिस को इसकी लोकेशन मिली तो उन्होंने रोहतक पुलिस से संपर्क साथा। इसके बाद SIT ने तीनों को अरेस्ट कर बच्चे को बरामद किया।
पूछताछ में तीनों ने बताया कि वे बच्चे को 7 मई को स्कूल के बाहर से ही उठा लाए थे। बच्चे का मामा पहले रोहतक में नौकरी कर चुका था, इसलिए वे सीधे उसे यहीं ले आए। फिलहाल, रोहतक पुलिस ने तीनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया।
- स्कूल से घर लौटते समय हुई किडनैपिंग : उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी अनिल विश्वकर्मा ने 7 मई की शाम को अपने 10 वर्षीय बेटे हर्षित की गुमशुदगी की रिपोर्ट स्थानीय थाने में दर्ज कराई थी। बताया था कि हर्षित राष्ट्रीय बाल शिक्षा निकेतन विद्यालय में कक्षा चार का छात्र है। सात मई को वह स्कूल छोड़कर आया था, लेकिन बच्चा वापस नहीं लौटा।
- मां को वॉट्सएप कॉल कर मांगी 10 लाख की फिरौती : थाने से परिजन घर ही आए थे कि बच्चे की मां रश्मि को वॉट्सएप कॉल कर 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। परिवार ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए बांदा SP पलाश बंसल ने पांच टीमें गठित की।
- 25 टोल प्लाजा और सीसीटीवी कैमरे खंगाली: पुलिस ने कानपुर से दिल्ली तक करीब 25 टोल प्लाजा और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही पुलिस ने परिजनों को बातचीत जारी रखने की सलाह दी और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
- गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग बदलकर किया गुमराह: पुलिस की साइबर सेल टीम लगातार उस नंबर को फॉलो कर रही थी, जिससे वॉट्सएप कॉल की गई थी। जांच के दौरान ये भी सामने आया कि अपहरणकर्ता लगातार गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। वह वाई-फाई कॉलिंग कर रहे थे, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो पाए।
- पुलिस को रोहतक में मिली बच्चे की लोकेशन: पुलिस ने उस नंबर की लोकेशन निकाली तो वह रोहतक के एक होटल में मिली। कंफर्म करने के लिए पुलिस टीम ने 12-12 हजार करके दो बार रुपए उनके खाते में ट्रांसफर भी कराए। इसके बाद बांदा पुलिस ने रोहतक टीम से संपर्क किया। बच्चे के किडनैप की बात पता चलते ही रोहतक पुलिस एक्टिव हुई और एसआईटी को तुरंत एक्शन लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
- तीन आरोपी अरेस्ट किए, छात्र भी बरामद: इसके बाद टीम ने सादी वर्दी में होटल की निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक आरोपी होटल से बाहर सिगरेट लेने आया, जिसे पुलिस ने दबोच लिया। उसकी मदद से कमरे का दरवाजा खुलवाकर हर्षित को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। साथ ही बाकी दोनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए।
मामा ही निकला किडनैपर, जीता से था रुपयों का विवाद
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि महोबा जिले के चरखारी थाना क्षेत्र के सूपा निवासी रामजी ने अपने साथियों अनीस और सुमित के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। अनीस सोनीपत और सुमित रोहतक का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक रामजी पहले रोहतक में नौकरी कर चुका था, जहां उसकी अनीस और सुमित से मुलाकात हुई थी।
पुलिस ने बताया कि रामजी और उसके जीजा अनिल के बीच पहले से विवाद चल रहा था। कुछ समय पहले रामजी पर परिवार के मोबाइल से लाखों रुपए ट्रांसफर करने का आरोप लगा था, जिसके बाद दोनों परिवारों में बोलचाल बंद हो गई थी। इसी रंजिश के चलते उसने अपने ही भांजे के अपहरण की साजिश रची।
आरोपियों को यूपी पुलिस के हवाले किया
पुलिस प्रवक्ता मनीष हुड्डा ने बताया कि आरोपियों ने बच्चे के परिजनों से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। यूपी पुलिस की तरफ से उनके पास सूचना आई थी। उसी सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद करते हुए आरोपियों को काबू किया और यूपी पुलिस के हवाले कर दिया।

