शादी से मना करने पर युवती के दोनों स्तन काटे, पेड़ से बांधकर पीटा
हरदोई में एकतरफा प्यार में 24 साल के लड़के ने 17 साल की लड़की के दोनों स्तन काट दिए। वह लड़की पर शादी का दबाव बना रहा था। मना करने पर उसे जबरन उठा ले गया। सूनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ मारपीट की। फिर उसे अधमरा छोड़कर फरार हो गया।
पीड़िता ने शनिवार को बताया- आरोपी रिश्ते में मेरा भाई लगता है। 11 मई को जब मैं एक शादी कार्यक्रम से लौट रही थी तो आरोपी जोर-जबरदस्ती से मुझे सूनसान जंगल जैसी जगह पर ले गया। पेड़ से बांध दिया। बार-बार एक ही सवाल कर रहा था- मुझसे शादी करोगी या नहीं? रिश्ते का हवाला दिया तो भड़क गया। उसे मारा-पीटा। फिर दांतों से स्तन काट दिए।
पीड़िता की मां ने बताया- बेटी को लेकर वह थाने और चौकी भटकती रही, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। बाद में केवल मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। मामला जिला मुख्यालय से 46 किलोमीटर दूर बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र का है।
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 17 वर्षीय पीड़िता दिल्ली में अपनी बड़ी बहन के साथ रहती है। वह बीते 3 मई को अपनी चचेरी बहन की शादी में आई थी। उसने बताया- चचेरी बहन की शादी होनी है। इससे पहले 11 मई को तेल पूजन का कार्यक्रम था। रात में मैं और पूरा परिवार अपने घर से 300 मीटर दूर चाचा के घर पर थे। रात में मां ने कहा- एक बार घर जाकर देख आओ, सब ठीक है न। मैं अकेले ही घर जा रही थी। रात करीब 11.15 बजे गांव के ही रहने वाले अतुल (24) ने उसे रास्ते में पकड़ लिया।
लड़की ने बताया- ‘उसने मेरा मुंह दबाया और एक सुनसान जगह पर ले गया। मुझे एक पेड़ से बांध दिया। मुझ पर शादी का दबाव बनाने लगा। जबरिया बात करने और रोज-रोज मिलने की बात कहने लगा। मैंने जब कहा कि ऐसा नहीं हो सकता तो वह भड़क गया। मैंने समझाया कि वह मेरे रिश्ते में भाई लगता है। भइया कहती हूं, लेकिन वह नहीं माना। मुझे मारता रहा। पीट-पीटकर मुझे अधमरा कर दिया। फिर पूछा- शादी करोगी या नहीं। मैंने मना किया तो उसने मेरे स्तनों को काट दिया। खून बहने लगा। मैं दर्द के मारे बेहोश हो गई।’
पीड़िता ने बताया कि जब होश आया तो अतुल वहां नहीं था। किसी तरह खुद को रस्सी से अलग किया। दर्द से कराहते हुए घर पहुंची। परिवार को आपबीती सुनाई। मां मुझे लेकर प्रतापनगर चौकी पहुंची, लेकिन वहां किसी ने एक न सुनी। फिर हम कोथावां चौकी गए, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मेरी हालत खराब होती जा रही थी। मां मुझे लेकर बेनीगंज सीएचसी गई। वहां डॉक्टर ने इसे पुलिस केस बताते हुए थाने में सूचना दी। लड़की की मां ने बताया- सीएचसी में एक दरोगा और सिपाही पहुंचे। बेटी और मेरा बयान लिया। चूंकि, हम पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए उसने खुद प्रार्थना पत्र लिखा। उसने सिर्फ मारपीट का एप्लीकेशन लिखा। इस वजह से थाने में मारपीट का केस दर्ज कर दिया गया। 5 दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

