Dailynews

मॉडल से साध्वी बनी हर्षानंद बोलीं- संत प्रवचन से रोक रहे, कहा- लेकिन मैं रुकने वाली नहीं

मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि एक बार फिर चर्चा में हैं। उज्जैन के लक्ष्मीपुरा में सात दिवसीय देवी प्रवचन कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने कुछ संतों पर प्रवचन रोकने और समय कम करने की कोशिश का आरोप लगाया।

हर्षानंद ने गुरुवार को मंच से कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से उन्हें रोकने के प्रयास किए गए, लेकिन मां भगवती की कृपा से वे डटी रहीं। उन्होंने कहा, “जिस पर मां भगवती का आशीर्वाद हो, उसे कोई नहीं रोक सकता। किसी भी राक्षस में इतना सामर्थ्य नहीं कि वह धर्म के मार्ग को रोक सके।”

कार्यक्रम के बाद जारी वीडियो में हर्षानंद ने आरोप दोहराते हुए कहा कि शुरुआती तीन दिन सब सामान्य रहा, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और महिलाओं की भागीदारी के बाद चौथे दिन से उनके प्रवचन का समय कम किया जाने लगा। उन्होंने दावा किया कि कुछ संत नहीं चाहते थे कि उनका प्रवचन लंबे समय तक चले।

हर्षानंद ने कहा कि विरोध के बावजूद पंडाल दो बार बढ़ाना पड़ा और अंतिम दिनों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं थमी। उन्होंने इसे मां भगवती की इच्छा और नारी शक्ति का समर्थन बताया।

समापन कार्यक्रम में करणी सेना की ओर से युवतियों को तलवारें भी बांटी गईं। 101 तलवारें बांटने का लक्ष्य था, लेकिन उपलब्धता कम होने से हर्षानंद ने मंच से 11 युवतियों को तलवार सौंपी। इससे पहले उन्होंने युवतियों को ‘लव जिहाद’ से सतर्क रहने, परिवार और सनातन परंपरा के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई। साथ ही तलवारबाजी, घुड़सवारी और शस्त्र प्रशिक्षण सीखने की सलाह दी। करीब एक माह पहले हर्षा रिछारिया ने उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज से संन्यास लिया था। संन्यास के बाद उन्होंने “स्वामी हर्षानंद गिरि” नाम अपनाया और अब आध्यात्मिक प्रवचन कर रही हैं।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *