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मेरठ : सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सड़कों पर परिवार सहित बैठे व्यापारी

मेरठ की सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के विरोध में पांचवें दिन भी व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। सड़क पर टेंट लगाकर व्यापारी अपने परिवार के साथ हाथों में बैनर लेकर नारे लगाते हुए इसका विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि हमारी दुकान है तो पहले ही बंद हो चुकी हैं, अब बात हमारे घर की भी आ गई है जिसका विरोध करते हैं। व्यापारियों के विरोध में शामिल होने पहुंचे जनप्रतिनिधियों का व्यापारियों द्वारा किए गए विरोध के बाद आज बाजार में केवल व्यापारी वर्ग ही दिखाई दिया। किसी भी राजनीतिक संगठन का कोई पदाधिकारी व्यापारियों के बीच नहीं पहुंचा। पूर्ण रूप से आज यह विरोध प्रदर्शन व्यापारियों का ही रहा। अभी तक रोजाना तमाम संगठनों और राजनीतिक पार्टियों की जनप्रतिनिधि यहां पहुंच अपने भाषण के दौरान सत्त रूढ पार्टी पर बयान बाजी भी करते थे।

जहां व्यापारी परिवार सहित बैठे हैं तो उनके छोटे-छोटे बच्चे भी इस मुहिम में उनके साथ हैं। हाथों में हमारी पढ़ाई कौन कराएगा के पोस्टर लेकर व्यापारियों के बच्चे सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसको लेकर व्यापारियों को कहना है कि जिन स्कूलों में पूरे साल की फीस जमा करा कर बच्चों के एडमिशन कराया थे तुम स्कूलों पर भी सेल लग गई है इसलिए अब बच्चों के भविष्य का भी सवाल भी बड़ा है।

सेटबैक को लेकर है पूरा विरोध

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जो सेट बैक का आदेश दिया है उसका विरोध व्यापारियों द्वारा किया जा रहा है खास तौर पर जिनके बाजार के आसपास छोटे मकान है उनका कहना है कि यदि इन मकानों में भी हम सेटबैक छोड़ देंगे तो हम फिर इसमें कैसे रहेंगे। उदाहरण देते हो उन्होंने बताया कि 38 मीटर के मकान में अगर डेढ़ मीटर का सेट पैक दे देंगे तो उसमें रहने के लिए कितनी जगह बचेगी

क्या थाआदेश । बीती 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवास विकास को आदेश दिया गया था कि सेंट्रल मार्केट के क्षेत्र की 44 संपत्तियों को सील कर उसकी रिपोर्ट पेश की जाए। इसके बाद 8 अप्रैल को आवास विकास द्वारा कार्रवाई करते हुए सभी 44 संपत्तियां सील कर दी गई। जिसकी रिपोर्ट 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में पेश भी की गई इसके बाद हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 2 महीने के अंदर सभी 859 आवास साथ ही आवासीय के लिए भी सेटबैक छोड़ जाए जिसके चलते अब वहां रहने वाले लोगों को अपने मकान भी तोड़ने पड़ेंगे। इसी का विरोध अभय कर रहेहैं खास तौर पर जिनके बाजार के आसपास छोटे मकान है उनका कहना है कि यदि इन मकानों में भी हम सेटबैक छोड़ देंगे तो हम फिर इसमें रहेंगे कैसे उदाहरण देते हो उन्होंने बताया कि 38 मीटर के मकान में अगर डेढ़ मीटर का सेट पैक दे देंगे तो उसमें रहने के लिए कितनी जगह बचेगी

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