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20 हजार शिक्षक-अनुदेशकों की भर्ती होगी- योगी का ऐलान

सीएम योगी ने रविवार को लोकभवन में 24 हजार 717 अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय का चेक दिया। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से उनका मानदेय 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17 हजार किया है।

कार्यक्रम में सीएम योगी ने शहरी स्कूलों में 20 हजार नए शिक्षक और अनुदेशकों की भर्ती का ऐलान किया। कहा, 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती के लिए डिमांड की जा चुकी है। जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए अनुदेशकों की नियुक्ति भी की जाएगी।

सीएम ने कहा, नींव दिखाई नहीं देती, लेकिन उसका मजबूत होना बहुत जरूरी होता है। बेसिक शिक्षक, शिक्षामित्र और अंशकालिक अनुदेशक भी शिक्षा विभाग की नींव हैं। इसलिए उनका मानदेय सम्मानजनक होना चाहिए।

2011-12 में 41 हजार 307 अनुदेशकों की भर्ती हुई थी। 13,769 मिडिल स्कूलों में इन्हें बच्चों को पढ़ाने के लिए रखा गया। हर महीने 7 हजार रुपए मिल रहे थे। अभी 24,296 अनुदेशक हैं। सरकार ने 2022 में अनुदेशकों का मानदेय 2 हजार रुपए बढ़ाया था और अब इसे 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17 हजार रुपए कर दिया गया है। सरकार ने अनुदेशकों को 5 लाख रुपए तक के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया है। महिला अनुदेशकों को 6 महीने मातृत्व अवकाश मिलेगा।

स्कूलों में ड्रॉपआउट 18% से घटकर 3% हुआ सीएम योगी ने कहा, “पहले यूपी के स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट 17-18% था। यानी हर 100 में से 17-18 बच्चे बीच में पढ़ाई छोड़ देते थे। अब इसे घटाकर 3% तक लाने में सफलता मिली है। स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेसिक शिक्षक और अनुदेशकों की भर्ती भी की जाएगी। पहले बेसिक शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था थी, अब उसका कायाकल्प हुआ है।”

हर बच्चे में प्रतिभा, डांट नहीं सही दिशा जरूरी सीएम ने कहा कि हर बच्चे में संभावनाएं छिपी होती हैं। बच्चों को मारने या अपमानित करने के बजाय सही राह दिखानी चाहिए। उन्हें स्वच्छता, अनुशासन और संस्कार के लिए प्रेरित करना जरूरी है। अगर बच्चे स्कूल की साफ-सफाई में सहयोग करें तो उन्हें दंडित करने के बजाय सम्मानित करना चाहिए। ऐसे वीडियो बनाकर वायरल करना ठीक नहीं है। बच्चों को तेजस्वी, शक्तिशाली और सकारात्मक सोच वाला बनाना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा- ईरान-अमेरिका तनाव से पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। अमेरिका जैसे संसाधन संपन्न देश में भी महंगाई चरम पर है। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय पर अहम फैसले लिए गए। वैश्विक चुनौतियों के दौर में देशहित को ध्यान में रखकर पीएम मोदी के साथ चलना चाहिए।अनुदेशकों का मानदेय 2017 में करीब 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17,000 रुपए किया गया था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस निर्णय को लागू नहीं किया गया। इसके खिलाफ अनुदेशकों ने लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच में याचिका दायर की थी।

लखनऊ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के तत्कालीन न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने अनुदेशकों को 17,000 रुपए मानदेय 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने केवल एक वर्ष के लिए 17,000 रुपए मानदेय भुगतान का निर्देश दिया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की वह अपील खारिज कर दी, जिसमें यूपी सरकार अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के खिलाफ थी। साथ ही यह आदेश दिया है कि अनुदेशकों की नौकरी खत्म न की जाए।

सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने साफ कहा कि संविदा की निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद भी अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी। 10 साल से लगातार काम करने की वजह से यह पद ऑटोमैटिक तरीके से सृजित है। अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मानदेय 2017 से लागू किया जाए। सीएम योगी ने 20 फरवरी को विधानसभा में अनुदेशकों को 9 हजार की जगह 17 हजार रुपए सैलरी देने का ऐलान किया था।

अप्रैल में सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव पास अप्रैल में CM योगी ने कैबिनेट मीटिंग में सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया था। 9 अप्रैल को शासन के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को आदेश की कॉपी भेजी थी।

Umh News india

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