गाजीपुर : शादी के 37वें दिन कमलेश बिंद एनकाउंटर में ढेर
गाजीपुर में बुधवार रात होटल कारोबारी विनीत राय की हत्या के आरोपी कमलेश बिंद को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। उसकी 37 दिन पहले शादी हुई थी। बिहार के मोहनिया से दुल्हन मनीषा को बड़े धूमधाम से विदा कराकर घर लाया था। मनीषा नर्सिंग की छात्रा है।
मनीषा को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। दैनिक भास्कर से मनीषा ने कहा, मेरे पति निर्दोष थे। पुलिस उन्हें रामपुर से जबरन उठाकर लाई थी। 30 मई को मुझे और मेरी प्रधान जेठानी को पुलिस ने थाने में बिठाए रखा। मेरी आंखों के सामने थाने में पुलिस ने मेरे पति को बुरी तरह पीटा। इसके बाद जंगल ले जाकर उनका एनकाउंटर कर दिया। 29 मई की रात गाजीपुर में 4 बदमाशों ने होटल कारोबारी आलोक राय के बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। विनीत के पिता आलोक राय ने कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय, सोनू यादव, कमलेश बिंद और मोनू त्रिपाठी पर केस दर्ज कराया था। कमलेश पर एक लाख इनाम था। शंकर पर भी एक लाख और बाकी दो पर 50-50 हजार रुपए का इनाम है। तीनों फरार हैं। कमलेश बिंद गाजीपुर में गोड़ा, सोहिलापुर का रहने वाला था। 19 अप्रैल को गांव में तिलक चढ़ी थी। 8 दिन बाद 27 अप्रैल को शादी हुई थी। वह बिहार के मोहनिया बारात लेकर गया था। दुल्हन मनीषा नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। कमलेश की भाभी गोड़ा गांव की ग्राम प्रधान है। उसका बड़ा भाई संजय चौधरी है।
कमलेश बिंद के बड़े भाई संजय कुमार बिंद ने बताया, मेरे भाई पर 29/30 मई की रात विनीत राय की हत्या का झूठा आरोप लगाकर नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। जबकि जिस समय विनीत राय को मारा गया, उस समय कमलेश गांव में ही था। फर्जी एफआईआर के डर से कमलेश रामपुर चला गया था।
2 जून को मेरे भाई और गांव के दो लड़कों को पुलिस रामपुर से जबरन उठा लाई। अगले दिन 3 जून को ही उसका फर्जी एनकाउंटर कर दिया। मेरा भाई निर्दोष था।
संजय का दावा है कि आलोक राय ने अपने बेटे की हत्या में मेरे भाई को इसलिए फंसाया, क्योंकि उनके होटल में गंदा काम होता था। लड़कियों की जिस्मफरोशी होती है, बीयर बार में आए दिन मारपीट होती है। कमलेश और उसके दोस्त विरोध करते थे तो मारपीट पर उतारू हो जाते थे।
30 मई की सुबह पत्नी और बहू को पुलिस उठा ले गई
संजय कुमार बिंद ने बताया, 30 मई की सुबह मेरी पत्नी प्रधान अनीता और कमलेश की पत्नी मनीषा को पुलिस उठा ले गई थी। मैंने बहुत रिक्वेस्ट की कि छोड़ दीजिए, पर पुलिस ने कस्टडी में रखा। बहुत प्रताड़ित किया। कमलेश के एनकाउंटर से पहले 2 जून की रात को ढाई बजे पत्नी अनीता और बहू मनीषा को बीच रोड पर छोड़ दिया। दोनों किसी तरह घर पहुंचीं।

