अयोध्या : कारोबारी का हत्यारोपी भानु सिंह एनकाउंटर में ढेर
अयोध्या में STF ने 2 लाख रुपए के इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू (38) को मार गिराया। रविवार देर रात STF को सूचना मिली थी कि आरोपी साथी के साथ बाइक से भाग रहा है। टीम ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने स्टेन-गन से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में उसे गोली लग गई।
मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ रात करीब 11 बजे महाराजगंज थाना क्षेत्र के एमी घाट के पास हुई। बदमाश का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। भानु प्रताप गोरखपुर का रहने वाला था।
उस पर दूध कारोबारी की हत्या, लूट और रंगदारी जैसी गंभीर धाराओं में 41 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस उसे हार्डकोर अपराधी मानती थी। लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक, रविवार रात करीब 11.10 बजे एसटीएफ के निरीक्षक जेपी राय ने महाराजगंज पुलिस को एमी घाट के पास बदमाशों से मुठभेड़ होने की सूचना देते हुए मदद मांगी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पता चला कि बाइक सवार दो बदमाशों की एसटीएफ टीम से आमने-सामने मुठभेड़ हुई थी।
एसटीएफ ने एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची तो एसटीएफ भानु प्रताप को खुद CHC पूरा बाजार लेकर पहुंची। शुरुआती उपचार के बाद डॉक्टर्स ने उसे मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान भानु प्रताप सिंह की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, भानु पर आजमगढ़ पुलिस ने 1 लाख रुपए, अंबेडकरनगर पुलिस ने 50 हजार, गोरखपुर पुलिस ने 25 हजार और बस्ती पुलिस ने 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। भानु के खिलाफ सभी 40 मुकदमे इन्हीं जिलों में दर्ज हैं। गोरखपुर के बेलघाट विधनापार का रहने वाले भानु प्रताप तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। बड़ा भाई सबलू सिंह और छोटा भाई ज्ञान प्रताप सिंह बेंगलुरु में एक कंपनी में काम करते हैं। गांव में भानु के पिता मान सिंह, मां और दोनों भाइयों की पत्नियां रहती हैं। मान सिंह खेती-किसानी करते हैं।
घर पर सन्नाटा पसरा रहा। दरवाजे अंदर से बंद मिले। अंदर से रोने-बिलखने की आवाजें आती सुनाई दीं। दैनिक भास्कर ने जब गांव वालों से बात करने की कोशिश की तो लोग कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुए। एक शख्स ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि भानु 10 साल से गांव नहीं आया था। उसके घरवाले भी उससे कोई मतलब नहीं रखते थे।
गोरखपुर एसएसपी ने 19 सितंबर 2023 को आर्म्स एक्ट में फरार चल रहे अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह की गिरफ्तारी के लिए 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। वहीं, आजमगढ़ में भानु प्रताप पर चार गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इसमें तीन लूट के मामले हैं। 2023 की लूट की घटनाओं में वांटेड होने के बाद 28 अक्टूबर 2025 को मुबारकपुर थाना क्षेत्र में दूध व्यापारी पातीराम यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद भानु प्रताप पर वाराणसी जोन एडीजी पीयूष मोर्डिया ने एक लाख का इनाम घोषित किया गया था।

