Crime News

बदायूं : दरोगा का खिड़की से लटका मिला शव

बदायूं में दरोगा का शव कमरे में दरवाजे के ऊपर बनी खिड़की से फंदे के सहारे लटका मिला। शव घुटने के बल बैठी पोजिशन में था। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। हालांकि, एसपी अंकिता शर्मा ने सुसाइड की आशंका जताई है।

एसपी ने बताया- दरोगा मेघश्याम गौतम (55) कोर्ट सुरक्षा में तैनात थे। वो मूलरूप से मथुरा के गोविंदनगर थाना के सकना गांव के रहने वाले थे। मोबाइल फोन जब्त करके कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी जांच की है। परिजनों से पूछताछ और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के मधुबन कॉलोनी की है। मकान मालिक विकेश ने बताया कि उनका दो मंजिला मकान है। दरोगा मेघश्याम गौतम पिछले एक साल से फर्स्ट फ्लोर पर लगभग 12 फिट चौड़ा और 15 फिट लम्बे कमरे में रह रहे थे। उसी फ्लोर पर दो अन्य परिवार भी रहते हैं। घटना के समय मैं गांव गया हुआ था। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे मेघश्याम की बेटी का फोन आया। उसने बताया कि काफी देर से फोन लगाने पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।

मैंने यह बात फोन पर पत्नी को बताई। पत्नी ने दरोगा के कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मैं गांव से घर आया और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर मेघश्याम का शव फंदे से लटका हुआ मिला।

विकेश ने बताया- मेघश्याम के कमरे का एक गेट छत की ओर बाहर की तरफ खुलता है। पर दोनों गेट अंदर से बंद थे। जिस दरवाजे के रोशनदान से शव लटका मिला, वह भी अंदर से बंद था। सहकर्मियों ने बताया- मेघश्याम बुधवार शाम को ड्यूटी से 6 बजे अपने घर चले गए थे। उनका व्यवहार सामान्य ही था। किसी तरह की परेशानी का जिक्र नहीं किया था। सब से हंसी-मजाक से पेश आते थे। वे 1986 में सिपाही पद पर पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे। इसके बाद दरोगा पद पर प्रमोट हो गए। 2024 में बरेली से ट्रांसफर होकर बदायूं आए थे।

दरोगा मेघश्याम के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे ब्रजनंदन और मयंक हैं। एक बेटी राधिका भी है। बड़े बेटे ब्रजनंदन की शादी हो चुकी है और वह प्राइवेट जॉब करता है। राधिका तीनों बच्चों में बीच की है और बीएड कर चुकी है। सबसे छोटा बेटा मयंक इंटरमीडियट की पढ़ाई कर रहा है।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *