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प्रधानाध्यापक ने कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद छात्राओं को 11वीं कक्षा में प्रवेश देने से इनकार

बुलंदशहर के जहांगीराबाद के भानु प्रताप कॉलेज में करीब 60 से 70 छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। कॉलेज के प्रधानाध्यापक ने कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद इन छात्राओं को 11वीं कक्षा में प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। इस फैसले को केंद्र और राज्य सरकार की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के उद्देश्यों के विपरीत माना जा रहा है।

छात्राओं का आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने उन्हें प्रवेश देने से मना करते हुए कहा कि “मैं तुम्हें नहीं संभाल सकता, अब तुम बड़ी हो गई हो।” यह बयान छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए बेहद चौंकाने वाला है, क्योंकि वे इसी कॉलेज में कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाई कर चुकी हैं।

दर्जनों छात्राओं का भविष्य संकट में

कॉलेज के इस फैसले से पांच दर्जन से अधिक छात्राओं की आगे की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है। जिस संस्थान में उन्होंने शुरुआती शिक्षा पूरी की, अब वहीं उन्हें आगे की पढ़ाई से वंचित किया जा रहा है।

पीड़ित छात्राओं ने मामले को लेकर जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की है। उन्होंने अधिकारियों से हस्तक्षेप कर 11वीं कक्षा में प्रवेश दिलाने की मांग की है। छात्राओं का कहना है कि उम्र बढ़ना शिक्षा के अधिकार से वंचित करने का आधार नहीं हो सकता।

जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि छात्राओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

Umh News india

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