दामाद ने सो रहे ससुरालियों को तलवार से काटा
फतेहपुर में एक दामाद ने ससुराल में साले, सलहज और तीन भतीजों पर तलवार से हमला कर दिया। पहले सो रहे साले के तीन बेटों पर बारी-बारी से तलवार से वार किए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे साले और उसकी पत्नी के सिर और गर्दन पर भी तलवार से वार किए। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोपी को घेरकर उससे तलवार छीन ली। इसके बाद लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उसको मार डाला।
बुधवार देर रात करीब 2 बजे का यह मामला जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर औंग थाना क्षेत्र के बीकमपुर गांव का है। आरोपी दामाद की पहचान आसापुर निवासी पवन विश्वकर्मा (50) के रूप में हुई है। उसकी पत्नी करीब 9 साल से उससे अलग रह रही थी। इसी बात को लेकर उसका ससुराल वालों से विवाद चल रहा था। बुधवार को वह ससुराल पहुंचा था।
परिजनों के अनुसार, दामाद के साथ गया एक साला भी लापता है। दामाद उसे एक शादी तय कराने के लिए अपने साथ लेकर गया था लेकिन रात को वह अकेले लौटा। पूछने पर बताया कि वह रिश्तेदारी में रूक गया है। अब पुलिस लापता साले की तलाश कर रही है। औंग थाना क्षेत्र के बीकमपुर गांव में महावीर का परिवार रहता है। परिवार में उसके दो बेटे राजू और राजेश और बेटी फूलकुमारी उर्फ सीमा हैं। सभी की शादी हो चुकी है। राजू के तीन बेटे और एक बेटी हैं। उसके बेटे खाटू उर्फ राजकरन (25), प्रदीप (23) और गोरे (20) हैं, जबकि बेटी गुड़िया (18) है। राजेश की पत्नी का नाम बुद्धा (37) है।
महावीर ने करीब 26 साल पहले अपनी बेटी फूलकुमारी की शादी आसापुर निवासी पवन से की थी। पवन कारपेंटर था। उसके चार बच्चे हैं-बेटियां शीतल उर्फ मानसी (22), कोमल (18), राधा (15) और बेटा सत्यम (12)।
राजू की बेटी गुड़िया ने बताया कि उसकी बुआ फूलकुमारी का पति पवन से विवाद चल रहा था। करीब नौ साल पहले वह पति को छोड़कर मायके में रहने लगी थीं। बाद में वह एक रिश्तेदार के यहां गुजरात चली गईं। पवन को शक था कि ससुराल वाले पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को सुलझने नहीं दे रहे हैं। इसी बात को लेकर वह नाराज था।
गुड़िया के मुताबिक, बुधवार शाम पवन उनके घर आया। उसने उसके पिता राजू (55) को बेटे की शादी के लिए लड़की दिखाने के बहाने अपने साथ ले गया। रात करीब 9 बजे पवन अकेले वापस लौटा। जब उससे राजू के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि राजू लड़की के गांव में रुक गए हैं और सुबह सभी लोग लड़की देखने जाएंगे।
परिजनों ने राजू से फोन पर बात कराने को कहा तो पवन ने बताया कि वह लड़की वालों का मोबाइल नंबर नहीं लाया है। इसके बाद उसने खाना खाया और सो गया।
तीनों भाइयों पर किया हमला
गुड़िया ने बताया कि वह अपने कमरे में थी, जबकि उसके तीनों भाई गोरे, प्रदीप और खाटू बाहर बरामदे में सो रहे थे। रात करीब 2 बजे पवन अचानक उठा और तलवार से तीनों पर हमला कर दिया।हमले में तीनों घायल हो गए।
चीख-पुकार सुनकर राजेश और उसकी पत्नी बुद्धा बाहर आए तो पवन ने उन पर भी तलवार से वार कर दिया। गुड़िया ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उसके हाथ पर भी तलवार लगी। वह किसी तरह कमरे में छिपकर अपनी जान बचाने में कामयाब रही।
ग्रामीणों ने पवन को घेरा
चीख-पुकार और शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पवन को घेर लिया और उसके हाथ से तलवार छीन ली। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी। गंभीर चोट लगने से पवन की मौत हो गई।
मौके पर पहुंचे एसपी
घटना की सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि पवन की पत्नी काफी समय से अलग रह रही थी। इसी बात को लेकर वह ससुराल वालों से नाराज था।
पुलिस को आशंका है कि वह पहले राजू को अपने साथ ले गया और इसके बाद हमला करने के इरादे से ससुराल वापस आया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मौर्य ने बताया कि चारों घायलों की हालत नाजुक है। सभी के शरीर पर गहरे घाव हैं। उन्हें इलाज के लिए कानपुर रेफर किया गया है।

