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स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस कस्टडी, कोर्ट में पेशी के बाद आदेश

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में कोर्ट का बड़ा आदेश आया है. भारद्वाज को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. उसे कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में संबंधित जज के आवास पर पेश किया गया था, जहां से अदालत ने पुलिस को एक दिन की हिरासत दी. यह मामला 14 साल की सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ हुई कथित मारपीट से जुड़ा है. पुलिस के मुताबिक, इसी घटना के दौरान भारद्वाज ने संजय आजाद के साथ शारीरिक मारपीट की थी. गिरफ्तारी और कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस इस मामले में आगे की जांच करेगी.

उधर, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे. समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर को लेकर सवाल उठाए. इस बीच मामले में कानूनी कार्रवाई भी लगातार आगे बढ़ रही है. दिल्ली पुलिस ने पहले भारद्वाज के खिलाफ दर्ज पुरानी एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धारा जोड़ी थी. इसके अलावा पॉक्सो की धाराओं में अलग से नया मुकदमा दर्ज किए जाने की बात सामने आई है. अब एक दिन की पुलिस कस्टडी मिलने के बाद पुलिस पूछताछ और जांच में जुटेगी. मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर है.

  • जंतर-मंतर पर हुआ विवाद 23 जून 2026 की शाम का है. वहां सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा था. इसी दौरान एक व्यक्ति अपनी 14 साल की बेटी के साथ मौजूद था. बताया गया कि वह मोबाइल से वीडियो बना रहा था. इसी दौरान कुछ युवकों से उसकी कहासुनी हो गई. आरोप है कि दो-तीन युवकों ने उसे घेर लिया और मारपीट की. सिर पर घूंसे मारने और लोहे के कड़े जैसी किसी ठोस चीज से वार करने का भी आरोप लगा. घायल होने के बाद उसे आरएमएल अस्पताल ले जाया गया. मेडिकल जांच में सिर पर दो कटे हुए घाव मिलने की बात सामने आई.
  • इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर संख्या 62/2026 दर्ज हुई थी. इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) लगाई गई थीं. पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को नामजद किया था. इसके बाद वायरल पॉडकास्ट क्लिप सामने आई. पुलिस ने इसी घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र को हिरासत में लिया था. वायरल क्लिप को लेकर दावा किया गया कि उसमें स्वतंत्र ने छात्रा के पिता पर हमले की बात स्वीकार की थी. हालांकि इस पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा.
  • शनिवार को हिंदू रक्षा दल से जुड़े कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे. उनके हाथों में स्वतंत्र के पोस्टर थे. कुछ पोस्टरों में उन्हें संत जैसे रूप में दिखाया गया था. प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि स्वतंत्र के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है और यह एकतरफा है.
  • कार्यकर्ताओं ने पुलिस को ज्ञापन देने की बात कही. उनकी मांग है कि दूसरे पक्ष की भूमिका की भी जांच हो और यदि कोई अपराध सामने आता है तो उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए.
Umh News india

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