लखनऊ में दरोगा ने भाजपा नेता का सिर फोड़ा
लखनऊ में एक दरोगा ने खुलेआम दबंगई दिखाई। बंथरा थाने में तैनात दरोगा सचिन यादव ने भाजपा नेता (बूथ अध्यक्ष) का सिर फोड़ दिया। उसके सिर पर पिस्टल की बट से मारा। बूथ अध्यक्ष को बचाने आए उसके भाई को दरोगा की टीम ने लाठियों से पीटा। पत्नी के पेट पर लात मार दी, जिससे वह जमीन पर गिर गई।
दरअसल, बूथ अध्यक्ष का अपने पड़ोसी से दिन में दुकान लगाने को लेकर झगड़ा हुआ था। वह शिकायत करने गया, तो पुलिस ने जांच करने की बात कही। इसके बाद जिससे झगड़ा हुआ था, वह भी थाने जा पहुंचा। तब दरोगा अपनी टीम के साथ पूछताछ करने पहुंचे।
भाजपा बूथ अध्यक्ष अरविंद रावत ने गुरुवार दोपहर पूरे मामले की शिकायत एसीपी से की। इसी बीच, शाम को दरोगा की टीम के भाजपा बूथ अध्यक्ष के घर में घुसने और लोगों के साथ मारपीट करने के वीडियो भी सामने आ गए। मामला बंथरा थाना क्षेत्र का बुधवार रात 11 बजे का है। खसरवारा गांव में रहने वाले अरविंद रावत भाजपा के बूथ अध्यक्ष हैं। उनका गांव में ही रहने वाले साहिल, सारजन और राहुल से दुकान लगाने को लेकर बुधवार रात करीब 8:30 बजे झगड़ा हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई। इसके बाद अरविंद बंथरा थाने पहुंचे। वहां साहिल और उनके साथियों के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दी।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें जांच करने की बात कहकर घर भेज दिया। कुछ देर बाद साहिल पक्ष के लोग भी थाने पहुंचे। उन्होंने भी अरविंद जैसे ही आरोप लगाकर शिकायत दी। इसके बाद रात करीब 11 बजे अरविंद रावत के घर पुलिसवाले पहुंच गए। उस समय घर के सभी लोग सो रहे थे। पुलिस ने उन्हें जगाकर पूछताछ के साथ मारपीट शुरू कर दी। अरविंद रावत ने एसीपी को दरोगा के खिलाफ दी शिकायत में लिखा- रात करीब 11 बजे बंथरा थाने में तैनात दरोगा सचिन यादव कुछ पुलिसकर्मियों के साथ SHO की गाड़ी से मेरे घर आए। उस समय मेरे भाई नरेंद्र, पत्नी नीतू और बच्चे भी वहां मौजूद थे।
पुलिसवाले मुझसे और परिवारवालों से अभद्र भाषा बोलने लगे। मेरे भाई नरेंद्र को लाठी-डंडों से मारना शुरू कर दिया गया। यह देखकर मेरी पत्नी नीतू उन्हें बचाने के लिए दौड़ी। तभी दरोगा सचिन यादव ने मेरी पत्नी के पेट पर लात मार दी, जिससे वह गिर गई। इसके बाद दरोगा नरेंद्र को डंडों से मारते हुए हाईवे की सड़क की ओर ले गए। अरविंद ने शिकायत में लिखा- मेरा भाई नरेंद्र किसी तरह पुलिसवालों से छूटकर पड़ोसी ओम प्रकाश के घर के अंदर चला गया। इस पर दरोगा सचिन यादव और दो पुलिसवाले ओम प्रकाश के घर के अंदर घुस गए। वहां भी नरेंद्र से मारपीट करने लगे।
जब मैं अपने भाई को बचाने के लिए वहां पहुंचा, तो वहां दरोगा सचिन यादव ने मेरी कनपटी पर पिस्टल तान दी। मुझे जान से मारने की धमकी दी। मैंने शोर मचाया, तो सचिन यादव ने उसी पिस्टल की बट से मेरे सिर पर हमला कर दिया। इससे मेरा सिर फट गया। तेजी से खून बहने लगा। इसके बाद दरोगा पिस्टल लहराते हुए लगातार जान से मारने की धमकी देते रहे। मेरे शोर मचाने पर बड़ी संख्या में मोहल्ले और गांव के लोग मौके पर इकट्ठे हो गए, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इस पूरी घटना से मैं और मेरा परिवार बहुत डरे हुए और मानसिक रूप से परेशान हैं। हम अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर डर रहे हैं।

