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अयोध्या : राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए पहुंची SIT

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे चोरी की जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) सोमवार दोपहर 3 बजे अयोध्या पहुंची। सूत्रों के अनुसार, टीम सीधे राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय गई और वहां जांच शुरू की। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से जानकारी ली गई है।

भास्कर सूत्रों के मुताबिक, चोरी के मामले में जिन कर्मचारियों पर शक है, उन्हें ट्रस्ट के एक कमरे में बैठाया गया है। एसआईटी उनसे पूछताछ करेगी। टीम पहले उन IPS अधिकारी से भी जानकारी लेगी, जो दिल्ली से गुप्त जांच के लिए आए थे।

अयोध्या पहुंचने से पहले एसआईटी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। टीम में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन शामिल हैं।

इधर, राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा- अब मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच और सुधार दोनों पर काम किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं का भरोसा बना रहे। चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 5 लोगों- लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। लवकुश और अनुकल्प पुलिस हिरासत में हैं।

सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने रविवार 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई। अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामला देखना चाहिए। चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है।

विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली। मुख्यमंत्री के आदेश पर SIT टीम अयोध्या पहुंच चुकी है। टीम में मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत, IPS किरन एस, विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं। टीम के सदस्य ट्रस्ट अधिकारियों से पूछताछ करेंगे।

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले पर बाबरी मस्जिद के पूर्व पैरोकार इकबाल अंसारी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा- राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। उम्मीद है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होगी।

इकबाल अंसारी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में देशभर के लोगों ने अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ सहयोग किया है। ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि कथित तौर पर धन कहां गया, किसने लिया। अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है। भगवान का पैसा कहीं नहीं जाएगा, भगवान खुद अपने पैसे को ढूंढ़ लेंगे। जिसने भी पैसा गायब किया है, वह एक न एक दिन जरूर पकड़ा जाएगा।

Umh News india

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