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लखनऊ में कार धू-धूकर जली, दवा व्यापारी जिंदा जला

लखनऊ में गुरुवार रात करीब 11:30 बजे मारुति जेन कार में आग लगने से एक युवक की जिंदा जलकर मौत हो गई। आग लगने के बाद वह कार से बाहर नहीं निकल सका। जब तक दमकल ने आग पर काबू पाया, तब तक कार के अंदर केवल उसका कंकाल बचा। एक हाथ सीट में फंसा था।

हादसा बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र के सरैया मोड़ के पास हुआ। पुलिस के मुताबिक, कार में आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। यह भी पता नहीं चला कि चलती हालत में कार में आग लगी या उस वक्त कार खड़ी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। कार के नंबर के आधार पर पुलिस ने उसके मालिक का पता लगाया। जांच में सामने आया कि कार खुर्रमनगर निवासी हमीदुल के बेटे अलमास हक के नाम पर रजिस्टर्ड है। परिजनों से संपर्क करने पर पुष्टि हुई कि कार के अंदर मिला शव 32 वर्षीय अलमास हक का ही है।

एसीपी ने बताया कि परिजनों से पूछताछ की जा रही है। कार में आग कैसे लगी, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।

एसीपी विकास पांडेय ने बताया कि रात करीब 11:30 बजे हाईवे पर कार में आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तो कार पूरी तरह जल रही थी। आग बुझाने के बाद जब कार का दरवाजा खोला गया, तो ड्राइविंग सीट पर एक व्यक्ति का पूरी तरह जला हुआ शव मिला।

सीट पर केवल कंकाल बचा था। एक हाथ सीट के ऊपरी हिस्से में फंसा था। सूचना पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी थी।

मृतक के पिता हमीदुल हक ने बताया कि बेटे की अमीनाबाद में मेडिकल की दुकान है। कल रात में 9:30 बजे घर से कार से निकला था। 9:40 पर उसके दोस्त से हमारी बात हुई थी तो उसने बताया था कि 10 मिनट में वापस आ रहे हैं। रात में करीब 12:15 बजे 3 पुलिसवाले घर पर आए। उन लोगों ने बताया कि बख्शी का तालाब थाने जल्दी पहुंचिए। पूछने पर उन्होंने कुछ बताया नहीं। जब बीकेटी थाने पहुंचे तब घटना की जानकारी हुई। हमारी 3 साल की पोती (मृतक की बेटी) है। बहू इकरा अलमास है। बेटे का किसी से कोई दुश्मनी, लड़ाई-झगड़ा नहीं था।

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