नोएडा में कंपनी में आग लगी, 2 फायरकर्मियों की मौत
ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने वाली कंपनी में लगी आग बुझाने गए फायर ब्रिगेड के 2 जवानों की मौत हो गई। मंगलवार तड़के 3 बजे आग की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं।
फायरकर्मियों ने सबसे पहले कंपनी में नाइट शिफ्ट कर रहे 500 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद जब टीम आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही थी, तभी कंपनी की एक दीवार और लोहे का बीम अचानक भरभराकर गिर गया।
5 फायरकर्मी मलबे में दब गए। सभी को तुरंत रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया। तीन अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। घटना ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र की ‘ILGIM’ कंपनी की है। ईकोटेक-3 स्थित ILGIM कंपनी में करीब 1500 कर्मचारी काम करते हैं। मंगलवार तड़के कंपनी से आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। उस वक्त नाइट शिफ्ट में करीब 500 कर्मचारी काम कर रहे थे। आग लगते ही कंपनी में अफरा-तफरी मच गई। कई कर्मचारी अंदर फंस गए।
सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। फायरकर्मियों ने आग बुझाने के साथ-साथ कंपनी में फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुबह करीब 5 बजे आग बुझाते वक्त कंपनी की दीवार गिर गई।
मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह (48), फायरमैन रोहित यादव (32), मनीष कुमार और अमित कुमार मलबे के नीचे बद गए। सभी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रोहित और तीरथपाल की मौत हो गई। दोनों बागपत के रहने वाले थे। तीरथपाल 1997 और रोहित 2016 में फायर डिपार्टमेंट में भर्ती हुए थे। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के यथार्थ अस्पताल पहुंचीं। घायल फायर कर्मियों और डॉक्टरों से मुलाकात की। उनसे घटना की जानकारी ली। परिजनों से मिली। हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। जिस कंपनी में आग लगी, उसके कर्मचारी राजीव ने बताया- सुबह की शिफ्ट में जब काम करने के लिए पहुंचे तो बताया गया कि आज छुट्टी कर दी गई है। क्योंकि, रात में आग लग गई थी। फिर मैंने नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों से बात की। आग किस वजह से लगी, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है।

