70 साल पुरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर
बागपत में सरकारी जमीन पर बनी 70 साल पुरानी मस्जिद को शनिवार को बुलडोजर से ढहा दिया गया। कोर्ट के आदेश पर यह एक्शन हुआ। दोपहर 12 बजे एक बुलडोजर लेकर बड़ौत एसडीएम भावना सिंह, बागपत एसडीएम ज्योति शर्मा, 2 इंस्पेक्टर और 2 थानों के 100 पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचीं। इसके बाद बुलडोजर चलाकर करीब ढाई घंटे में मस्जिद को ढहा दिया गया।
इस दौरान कुछ लोग डीएम के पास इस कार्रवाई को रुकवाने की मांग करने भी पहुंचे। लेकिन, हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए डीएम ने कार्रवाई रुकवाने से इनकार कर दिया। तकिया वाली मस्जिद राजपुर-खामपुर गांव में बनी थी। इसके अवैध होने की शिकायक एक मुस्लिम युवक ने की थी। जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर राजपुर-खामपुर गांव है। गांव के बीचो-बीच 100 गज (900 स्क्वॉयर फीट) एरिया में करीब 70 साल पहले तकिया वाली मस्जिद बनी थी। इसमें 2 कमरे भी बने थे, जिसमें मदरसा चलता था। मदरसे में करीब 40 बच्चे पढ़ते थे।
गांव के रहने वाले गुलशेर ने 5 साल पहले साल-2021 में मस्जिद के तालाब की सरकारी जमीन पर बने होने की शिकायत एसडीएम से की थी। कोई कार्रवाई न होने पर मामला तत्कालीन डीएम शकुंतला गौतम के पास पहुंचा। डीएम ने जांच के आदेश दिए। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
साल-2022 में गुलशेर ने सिविल कोर्ट में वाद दाखिल किया। सिविल कोर्ट में केस चलता रहा। कोई फैसला नहीं होने पर गुलशेर हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने 3 महीने पहले अप्रैल में मस्जिद को अवैध करार दे दिया। डीएम को धारा- 67 की कार्रवाई करने का आदेश दे दिया। हाईकोर्ट के आदेश के करीब एक साल बाद 5 दिन पहले (16 जून को) मस्जिद को खाली करने और ध्वस्तीकरण का नोटिस एसडीएम ने चस्पा किया। साथ ही मस्जिद के मौलवी को सामान खाली करने का आदेश दिया।
शनिवार दोपहर 12 बजे एसडीएम बागपत करीब 100 पुलिसकर्मियों को लेकर राजपुर-खामपुर गांव पहुंचीं। ढाई घंटे की कार्रवाई में मस्जिद को ढहा दिया गया। इस दौरान आसपास के घरों की छतों पर पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर तैनात रहे।

