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प्रयागराज : भाजपा नेता की गाड़ी तोड़ने वाले 10 CJP सपोर्टर गिरफ्तार

प्रयागराज में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान 25 जुलाई को जमकर तोड़फोड़ हुई थी। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को सीसीटीवी और वीडियो से पहचाने गए 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक माफिया अतीक अहमद के गढ़ मरियाडीह का रहने वाला है। इन सभी को शाम 5 बजे जेल भेज दिया गया।

इसका पता चलते ही सपा की प्रतापपुर विधायक विजमा यादव और सोरांव विधायक गीता पासी थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस पर पकड़े गए युवकों को छोड़ने का दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन, पुलिस ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- जब केंद्र सरकार ने वादा किया था कि किसी भी छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, तो फिर ऐसी धोखाधड़ी क्यों?

दरअसल, सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंचे डिप्टी सीएम ने केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था- जो बच्चे NEET पेपर से संबंधित थे, उन लोगों ने यह काम नहीं किया। अगर आंदोलन के बीच में सपा के गुंडों ने कुछ किया है, तो उसकी जांच होगी।

दरअसल, प्रयागराज में 25 जुलाई को भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। फॉर्च्यूनर कार में तोड़फोड़ के मामले में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं की 3 एफआईआर हुई हैं।

पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों की उम्र 18 से 26 साल के बीच है। इनमें से दिलशाद नाम का आरोपी मरियाडीह का रहने वाला है। प्रदर्शन के दौरान वह काले रंग की THAR से धरनास्थल पर घूमता दिखा था। बिना नंबर की इस THAR में ब्लैक फिल्म भी लगी थी। पुलिस के पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह दूध बेचने का बिजनेस करता है। जब उससे प्रदर्शन स्थल पर आने का कारण पूछा गया तो वह चुप्पी साध गया। सपा विधायक विजमा यादव ने बताया- पकड़े गए युवकों में से कुछ मेरे क्षेत्र के रहने वाले हैं। परिवारवालों ने आकर मुझे बताया कि उनके बच्चों को पुलिस जबरन उठा ले गई है। इसके बाद मैं थाने पहुंची। पुलिस से लड़कों को हिरासत में लिए जाने का कारण पूछा। यह भी कहा कि किसी निर्दोष को न फंसाया जाए। वहीं, सोमवार शाम करीब 6 बजे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज प्रोटेस्ट के नाम पर बहुत सारे छात्रों को यूपी पुलिस की विशेष टीम बिना नंबर की गाड़ियों में उठाकर ले गई है। उठाए गए सभी छात्रों की तुरंत रिहाई हो। इस अवैध गतिविधि में लिप्त सभी पुलिसकर्मियों और उच्च अधिकारियों को निलंबित करके उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

उधर, डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया- गिरफ्तार आरोपियों में से कोई छात्र नहीं है। इन सभी की तोड़फोड़ करते, अराजकता फैलाते सीसीटीवी और वीडियो फुटेज में तस्वीरें हैं। साक्ष्यों के आधार पर ही इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

सोमवार को डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- जांच में अगर सपा के गुंडे दोषी पाए जाएंगे, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव में लगातार पराजय की कगार पर पहुंच चुकी सपा अगर इस तरह हिंसा का सहारा लेने का प्रयास करेगी, तो इस समय भाजपा की सरकार है। योगीजी के नेतृत्व में सरकार है। अपराध करने वालों के खिलाफ जिस सख्ती से निपटा जा सकता है, निपटा जाएगा।

उन्होंने साफ किया कि सरकार का रुख छात्रों और उपद्रवियों के लिए अलग-अलग है। जो बच्चे हैं, जिन लोगों ने इस पेपर लीक के मुद्दे को उठाने का काम किया, उनके मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया गया है। लेकिन, अपराधियों को नहीं बख्शा जाएगा।

केशव ने कहा कि सरकार छात्रों की भावनाओं का सम्मान करती है। पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर युवाओं की चिंता को समझती है। लेकिन, आंदोलन की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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